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अच्छी खबर: मलेशिया में फंसे 30 श्रमिकों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू, झारखंड सरकार ने दी जानकारी
Fri, 18 Feb 2022 10:49 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 18 Feb 2022 10:49 PM IST
सार
श्रमिक 30 जनवरी 2019 से वहां काम कर रहे हैं। उनका अनुबंध तीन साल की अवधि के लिए था, जो अब खत्म हो गया है, लेकिन ठेकेदार द्वारा उन्हें वापस भारत नहीं भेजा जा रहा है।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
मलेशिया में फंसे झारखंड के 30 श्रमिकों की वापसी को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मलेशिया में भारतीय उच्चायोग की मदद से वापस उन्हें झारखंड वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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रांची में एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद श्रम विभाग ने मलेशिया में फंसे गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के 30 श्रमिकों को झारखंड वापस लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
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विज्ञप्ति में बताया गया कि इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बीएन रेड्डी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया था।
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मलेशिया में भारत के उच्चयुक्त को लिखे पत्र में बताया गया है कि राज्य के 30 श्रमिक लीडमास्टर इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन एसडीएन बीएचडी में कार्यरत हैं। इन सभी से नेगेरी सेम्बिलन दारुल खुसस, मलेशिया ट्रांसमिशन कार्य में लाइनमैन के रूप में कार्य लिया गया है।
श्रमिक 30 जनवरी 2019 से वहां काम कर रहे हैं। उनका अनुबंध तीन साल की अवधि के लिए था, जो अब खत्म हो गया है, लेकिन ठेकेदार द्वारा उन्हें वापस भारत नहीं भेजा जा रहा है। साथ ही पिछले चार माह से वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है।
श्रम विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो ने उच्चायुक्त से अनुरोध किया कि मामले में हस्तक्षेप करें और कंपनी या ठेकेदार को श्रमिकों के वैध बकाया राशि भुगतान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। जिसके बाद उच्चायोग ने सकारात्मक पहल की है और श्रमिकों को शीघ्र स्वदेश वापस भेजने में रह संभव मदद का आश्वासन दिया है।