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प्रणव मुखर्जी ऐसे ‘सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री’ थे जो कभी देश के प्रधानमंत्री बन न सके : झारखंड विधानसभाध्यक्ष
Sat, 19 Sep 2020 12:21 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झारखंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झारखंड
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Sep 2020 12:21 AM IST
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झारखंड विधानसभा
झारखंड विधानसभाध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने शुक्रवार को दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अक्सर यह कहा जाता है कि प्रणव मुखर्जी ऐसे ‘‘सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री’’ थे जो कभी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बन सके।’ झारखंड विधानसभा के तीन दिवसीय मानसून सत्र के प्रथम दिन दिवंगत राजनेताओं और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विधानसभाध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा, ‘‘पूर्व राष्ट्रपति प्रणब बाबू को आधुनिक भारत के रचनाकारों में से एक कहा जाये तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
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वह ऐसे सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री थे जो कभी भारत के प्रधानमंत्री हो न सके: रवीन्द्रनाथ महतो
वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और देश के प्रथम नागरिक के रूप में उन्होंने जो योगदान दिये वे तो अभूतपूर्व हैं ही, उनकी अतुलनीय योग्यता के कारण यह अकसर कहा जाता था कि वह ‘‘ऐसे सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री थे जो कभी भारत के प्रधानमंत्री हो न सके।’’ उन्होंने कहा ‘‘ ही वाज दी बेस्ट प्राइम मिनिस्टर दैट नेशन नेवर हैड ।’’
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विधानसभाध्यक्ष महतो ने कहा कि राजनीति में प्रणब बाबू की गणना ‘अजातशत्रु’ के रूप में होती थी। उन्हें भिन्न-भिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के बीच सुदृढ़ सेतु के रूप में जाना जाता था। उनके निधन से भारतीय राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है।
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उन्होंने कहा, ‘‘देश के तेरहवें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त, 2020 को देहान्त होने से भारतीय राजनीति में एक युग का अवसान हो गया।’’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने भाषण में कहा, ‘‘प्रणब मुखर्जी का सभी राजनीतिक दलों के प्रति सद्भाव था। ’’ उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब दा का सदा उनके ऊपर स्नेह बना रहा।
भाजपा की ओर से सदन में पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पार्टी से उपर उठकर काम करते थे। उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में देश में नये राजनीतिक प्रतिमान स्थापित किये। विधानसभा ने दो मिनट का मौन रख कर अन्य सभी राजनेताओं के साथ आज प्रणब दा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।