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जम्मू-कश्मीर में लोग स्वतंत्र रूप से घूम-फिर रहे हैं: सेना प्रमुख बिपिन रावत

Wed, 25 Sep 2019 04:20 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामगढ़ Published by: आसिम खान Updated Wed, 25 Sep 2019 04:20 PM IST
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People are living freely in Jammu and Kashmir says General Bipin Rawat
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत - फोटो : ANI

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि लोग कश्मीर घाटी में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं और जो लोग दावा कर रहे हैं कि वहां बंद हैं, उनका अस्तित्व आतंकवाद पर निर्भर है। रावत झारखंड के रामगढ़ में पंजाब रेजिमेंट के 29वें और 30वें बटालियन को प्रेसिडेंट्स कलर से सम्मानित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

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जनरल रावत ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ है। लोग अपने आवश्यक काम कर रहे हैं, स्पष्ट संकेत हैं कि काम नहीं रुका है और लोग स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। जिन लोगों को लगता है कि जीवन प्रभावित हुआ है, उनका अस्तित्व आतंकवाद पर निर्भर है।’ रावत ने कहा कि ईंट भट्ठे सामान्य रूप से चल रहे हैं, ट्रकों में बालू ढोए जा रहे हैं और दुकानें खुली हैं जिससे प्रतीत होता है कि घाटी में जनजीवन सामान्य है।
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सेना प्रमुख ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या नियंत्रण रेखा के पास तनाव है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भूकंप आने के कारण लोगों को समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। 
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पीओके में मंगलवार को 5.8 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसमें कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए। सेना ने मंगलवार को कुछ फोटो और वीडियो जारी किए थे जिसमें जम्मू-कश्मीर में ‘सेबों की गाड़ियों में लोडिंग, खेतों में हो रहे कामकाज और लोगों के घूमने-फिरने’ को दिखाया गया। 

रावत ने सोमवार को इन दावों को खारिज किया था कि जम्मू-कश्मीर में शिकंजा कसना जारी है और कहा कि आतंकवादियों ने इस तरह की छवि पेश की है ताकि बाहरी दुनिया के समक्ष ‘कड़े कदमों’ की गलत तस्वीर पेश की जा सके। गौरतलब है कि पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से वहां पाबंदियां लगाई गई थीं।
 

सेना प्रमुख ने पंजाब रेजिमेंट की दो बटालियनों को राष्ट्रपति के चिह्न प्रदान किए

सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम में पंजाब रेजिमेंट की दो युवा बटालियनों 29 एवं 30 पंजाब को राष्ट्रपति का चिह्न (कलर) प्रदान किया। पंजाब रेजिमेंट की 29 पंजाब की ओर से लेफ्टिनेंट प्रीतपाल सिंह और 30 पंजाब की ओर से लेफ्टिनेंट किशन गोराइया ने सेनाध्यक्ष से राष्ट्रपति के चिह्न हासिल किए।

सेना ने एक बयान में बताया कि 29 एवं 30 पंजाब बटालियनें क्रमशः 2013 एवं 2014 में गठित की गई थीं। उन्हें अपने उत्तम कार्य के लिए राष्ट्रपति का चिह्न प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति के चिह्न में पैदल सेना को एक खास तरह का ध्वज प्रदान किया जाता है जो देशभक्ति के लिए जीवन समर्पित करते हैं और एक रेजिमेंट के तौर पर देश की सेवा करते हैं।



पंजाब रेजिमेंट की स्थापना 1915 में हुयी थी और इसे 1976 में रामगढ़ स्थानांतरित किया गया था। जनरल रावत ने अपने भाषण में बताया कि पंजाब रेजिमेंट संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत श्रीलंका, लेबनान और कांगो में काम कर चुका है।

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