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झारखंड: आतंकी संगठन पीएलएफआई रंगदारी मामले में एनआईए ने दाखिल किया आरोपपत्र
Fri, 06 Aug 2021 01:31 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 06 Aug 2021 01:31 AM IST
सार
सभी 17 लोगों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
हत्या, रंगदारी और प्रतिबंधित पीएलएफआई की आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के विस्तार के लिए धन जुटाने की साजिश में शामिल रहे 17 लोगों के खिलाफ एनआईए ने आरोपपत्र दाखिल किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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इस आरोपपत्र में सुजीत सिन्हा, अमन साहू, प्रदीप गंझू, संतोष गंझू, बिहारी गंझू, सकेंदर गंझू, प्रमोद गंझू, बाबूलाल तुरी, अजय तुरी, संतोष कुमार, प्रभात कुमार यादव, प्रीतम कुमार, संतोष कुमार यादव, जसीम अंसारी, वसीम अंसारी, मजीबुल अंसारी और जहीरुद्दीन अंसारी के नाम शामिल हैं।
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इन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
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मामला झारखंड के लातेहार में दिसंबर 2020 में दर्ज किया गया था। यह मामला सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के तेतारियाखार कोलियरी में एक आतंकवादी कांड से जुड़ा है। उस वक्त हमलावरों ने चार ट्रक और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी थी, जिसमें चार नागरिक घायल हो गए थे।
एनआईए ने मार्च में मामला फिर से दर्ज किया और जांच अपने हाथ में ले ली। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन साहू ने कुख्यात गैंगस्टर शाहरुख और प्रदीप गंझू के साथ-साथ आतंकी संगठनों तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) और पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के कई सदस्यों के साथ मिलकर हत्या, जबरन वसूली और उनकी आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के विस्तार के लिए धन जुटाने की साजिश रची थी।