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Jharkhand: अवैध रेत खनन के मामले में एनजीटी ने लिया संज्ञान; खनन विभाग को नोटिस जारी किया
Wed, 06 Dec 2023 07:33 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 06 Dec 2023 07:33 PM IST
सार
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि यह रिपोर्ट अनुसूचित अधिनियम (पर्यावरण के संबंध में) के प्रावधानों के पालन से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाती है। पीठ ने कहा कि वह इस मामले में संबंधित अधिकारियों को प्रतिवादी के रूप में शामिल कर रही है।
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एनजीटी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया ब्लॉक में कथित अवैध रेत खनन को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में एनजीटी ने झारखंड सरकार के खान विभाग के निदेशक और अन्य को नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें सुनवाई की अगली तारीख से एक सप्ताह पहले अपनी पूर्वी क्षेत्र की पीठ के समक्ष जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने यह कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वत: संज्ञान लेकर की।
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दरअसल, एनजीटी ने अवैध रूप से खनन किए गए रेत का परिवहन करने वाले कई ट्रकों के बारे में एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया था। इसमें दावा किया गया था कि प्रशासन ने गैरकानूनी गतिविधि के बारे में पता होने के बावजूद अपनी आंखें बंद कर रखीं थीं।
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मामले में एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि यह रिपोर्ट अनुसूचित अधिनियम (पर्यावरण के संबंध में) के प्रावधानों के पालन से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाती है। पीठ ने कहा कि वह इस मामले में संबंधित अधिकारियों को प्रतिवादी के रूप में शामिल कर रही है। जिन लोगों को इसमें प्रतिवादी बनाया गया है उसमें राज्य के खनन विभाग के निदेशक, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और बोकारो के जिला मजिस्ट्रेट हैं। ग्रीन ट्रिब्यूनल ने फिलहाल इस मामले को 15 जनवरी को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
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