'देश को दूसरी कृषि क्रांति की जरूरत, पूरब से होगी शुरुआत'
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को झारखंड के हजारीबाग में बनने वाले भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी। मोदी ने उम्मीद जताई की हजारीबाग के बरही में एक हजार एकड़ में बनने वाले इस संस्थान के तैयार होने के बाद कृषि क्षेत्र में उन्नत फसलों और कम लागत में अधिक आय देने वाली फसलों को बढ़ावा देने में विशेष सहयोग मिल सकेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास और राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भी कृषि से आय के मामले में काफी पीछे है। इसका प्रमुख कारण है कृषि उत्पादन के संबंध में लोगों में जागरूकता की कमी और नई पद्वति के प्रति बेरुखी।
मोदी ने कहा इसके अलावा बिजली और पानी की कमी और खाद की किल्लत के चलते भी किसान अपनी फसलों का संपूर्ण ख्याल नहीं रख पाते।
किसानों की कम आय पर जताई निराशा
प्रधानमंत्री ने किसानों की आय में कमी पर निराशा जताते हुए कहा कि इसको दूर करने के लिए कृषि क्षेत्र में अभी काफी शोध की जरूरत है जिससे किसानों को फायदा मिल सके।
उन्होंने कहा कि जब किसान की आय बढ़ेगी तब ही देश की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब जरूरत है एक और कृषि क्रांति की। जिसकी शुरूआत जल्द से जल्द होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि सरकार किसानों के हितों को देखते हुए जल्द से जल्द कई योजनाएं चला रही है। पुरानी बंद पड़ी फैक्ट्रियों को चालू करवाया जा रहा है। किसानों को खाद की समस्या न हो इसके लिए भी उपाय किए जा रहे हैं।