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झारखंड: आखिर कौन फेंक गया बोरे में 14 भ्रूण, ज्यादातर मादा
amarujala.com- submitted by: आनंद
Updated Wed, 26 Apr 2017 03:38 PM IST
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झारखंड के देवघर जिले की पुलिस ने एक बोरे में बंद 14 भ्रूणों को बरामद किया है। इनमें से ज्यादातर मादा भ्रूण हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और इन भ्रूणों का सैंपल लिया जा रहा है। इनकी डीएनए जांच कराई जाएगी। यह बरामदगी मोहनपुर थाने के डूमरथर गांव से की गई है।
मोहनपुर के थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बीबीसी को बताया, "डूमरथर के ग्रामीणों ने रविवार की रात झाड़ियों में एक लावारिस बोरा पड़े होने की सूचना दी थी। पुलिस को बोरा खोलने पर शीशे के जार में दो अर्द्धविकसित भ्रूण मिले। यह बोरा देवघर-दुमका रोड के किनारे झाड़ियों में फेंका हुआ था।"
रविवार देर शाम फिर से वहां एक और बोरा होने की अफवाह फैली। इसकी सच्चाई जानने गई पुलिस को वहां एक और बोरा मिला। उसमें शीशे के जारों में बंद 12 और भ्रूण मिले। पूछताछ करने पर किसी ग्रामीण ने यह नहीं बताया कि यह बोरा कौन फेंक गया था।
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मोहनपुर के थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बीबीसी को बताया, "डूमरथर के ग्रामीणों ने रविवार की रात झाड़ियों में एक लावारिस बोरा पड़े होने की सूचना दी थी। पुलिस को बोरा खोलने पर शीशे के जार में दो अर्द्धविकसित भ्रूण मिले। यह बोरा देवघर-दुमका रोड के किनारे झाड़ियों में फेंका हुआ था।"
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रविवार देर शाम फिर से वहां एक और बोरा होने की अफवाह फैली। इसकी सच्चाई जानने गई पुलिस को वहां एक और बोरा मिला। उसमें शीशे के जारों में बंद 12 और भ्रूण मिले। पूछताछ करने पर किसी ग्रामीण ने यह नहीं बताया कि यह बोरा कौन फेंक गया था।
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मामले में स्टेशन डायरी तैयार
मोहनपुर थाने के प्रभारी ने बताया कि पुलिस इसकी जांच कर रही है। देवघर से डॉक्टरों को बुलाया गया है ताकि इनका सैंपल लिया जा सके। इसके बाद इन्हें दफनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में स्टेशन डायरी तैयार की गई है। इसके बाद भ्रूण हत्या की एफआइआर भी दर्ज की जाएगी। देवघर की एसपी एस विजयालक्ष्मी ने बीबीसी से कहा, "ये किसी नर्सिंग होम का मेडिकल वेस्ट हो सकता है।
उन्हें आशंका है कि भ्रूण की जांच कर उनका अबॉर्शन कराने वाले लोगों की इसमें भूमिका हो सकती है। पुलिस हर एंगल से इसकी जांच कर रही है। तत्काल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।" उन्होंने बताया कि मोहनपुर पुलिस को इस केस की गहराई से जांच करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में स्टेशन डायरी तैयार की गई है। इसके बाद भ्रूण हत्या की एफआइआर भी दर्ज की जाएगी। देवघर की एसपी एस विजयालक्ष्मी ने बीबीसी से कहा, "ये किसी नर्सिंग होम का मेडिकल वेस्ट हो सकता है।
उन्हें आशंका है कि भ्रूण की जांच कर उनका अबॉर्शन कराने वाले लोगों की इसमें भूमिका हो सकती है। पुलिस हर एंगल से इसकी जांच कर रही है। तत्काल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।" उन्होंने बताया कि मोहनपुर पुलिस को इस केस की गहराई से जांच करने को कहा गया है।