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Jharkhand: काले जादू के लिए चार साल पहले दंपति की हुई थी हत्या, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में 12 को किया बरी
Fri, 24 Jun 2022 04:14 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 24 Jun 2022 04:14 PM IST
सार
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार चौबे ने 12 लोगों को उनके खिलाफ ठोस सबूत के अभाव में बरी कर दिया।
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- फोटो : istock
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विस्तार
झारखंड के पलामू जिले की एक अदालत ने चार साल पहले काला जादू करने के लिए एक दंपति की हत्या के आरोपी 12 लोगों को सबूतों के अभाव में शुक्रवार को बरी कर दिया।
12 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2018 में मनातु पुलिस स्टेशन के तहत सरगुजा बहेराटांड गांव में जादू टोना करने के लिए इंद्रदेव उरांव और उनकी पत्नी सुकनी देवी की हत्या कर कर दी थी।
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार चौबे ने 12 लोगों को उनके खिलाफ ठोस सबूत के अभाव में बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के वकील राहुल सत्यार्थी ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों के विरोधाभासी बयान के बाद आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया।
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उन्होंने कहा कि इस संबंध में गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र मेल से मेल नहीं खाते और ठोस सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया गया।
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12 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2018 में मनातु पुलिस स्टेशन के तहत सरगुजा बहेराटांड गांव में जादू टोना करने के लिए इंद्रदेव उरांव और उनकी पत्नी सुकनी देवी की हत्या कर कर दी थी।
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अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार चौबे ने 12 लोगों को उनके खिलाफ ठोस सबूत के अभाव में बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के वकील राहुल सत्यार्थी ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों के विरोधाभासी बयान के बाद आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया।
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उन्होंने कहा कि इस संबंध में गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र मेल से मेल नहीं खाते और ठोस सबूतों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया गया।