झारखंड में रोपवे हादसा: सेना ने अब तक 30 लोगों को बचाया, अभी भी फंसे हैं 18 लोग, बचाव कार्य जोरों पर
हादसे को हुए करीब 20 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी लोगों को सुरक्षित निकाला नहीं जा सका है। बताया जा रहा है कि, करीब 18 ट्रालियां ऊपर ही फंसी हुई हैं, जिसमें 40 लोग सवार हैं।
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झारखंड के देवघर में रविवार को हुए त्रिकूट रोपवे हादसे में अब तक 30 लोगों को बचाया जा चुका है। झारखंड के मंत्री हाफिजुल हसन ने कहा कि हादसे में अब तक 30 लोगों को बचा लिया गया है, 18 अभी भी फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ, वायुसेना और भारतीय सेना बचाव कार्य कर रही है। हो सकता है कि मेंटेनेंस के अभाव में दुर्घटना हुई हो। जांच टीम गठित की जाएगी। फिलहाल जान बचाना हमारी प्राथमिकता है।
देवघर डीसी के मुताबिक, इस हादसे में एक महिला की मौत भी हो गई है, वहीं एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। मामूली रूप से घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जो लोग ऊपर फंसे हैं, उन्हें ड्रोन के माध्यम से खाना और पानी दिया जा रहा है।
वायु सेना चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद लोकल पुलिस व एनडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपारेशन शुरू किया। हालांकि, बाद में लोगों की मदद के लिए सेना को बुलाना पड़ा। इंडियन एयरफोर्स का कहना है कि, रोपवे हादसे में दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। लोग अभी ऊपर ही फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 11 Apr 2022
18 ट्रालियां ऊपर फंसी
दरअसल, रविवार को रामनवमी की पूजा करने और घूमने के उद्देश्य से यहां सैंकड़ों की संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। इस दौरान रोपवे की एक ट्राली नीचे आ रही थी, जो ऊपर की ओर जा रही ट्राली से टकरा गई। जिस समय यह हादसा हुआ करीब दो दर्जन ट्राली ऊपर ही थीं। करीब 18 ट्रालियां ऊपर ही फंसी रह गईं, जिसमें 40 लोग सवार थे। इनमें छोटे बच्चे व महिलाएं भी हैं।
ऑपरेशन में आ रही परेशानी
अधिकारियों ने बताया कि, लोगों को निकालने के लिए जैसे ही सेना ने हेलीकॉप्टर का सहारा लिया। पंखे की तेज हवा से ट्रालियां हिलने लगीं, इससे लोगों की जान पर बन आई। जिला कलेक्टर मंजूनाथ भैजंत्री ने बताया कि, फिलहाल रोपवे बंद है। ट्राली के डिस्पेलस होने से दुर्घटना घटी है। घायलों को अस्पताल भेजा गया है।