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Money Laundering Case: निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को नही मिली राहत, अब 8 जून तक ईडी की हिरासत में
Wed, 25 May 2022 01:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 25 May 2022 01:50 PM IST
सार
ईडी के वकील बीएमपी सिंह ने बताया कि सुमन कुमार और पूजा सिंघल को कोर्ट के सामने पेश किया गया। ईडी ने मांग की कि सुमन कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। कोर्ट ने इसे स्वीकार किया और उसे जेल भेज दिया।
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- फोटो : social media
विस्तार
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की ईडी हिरासत एक बार फिर बढ़ा दी गई है। यहां की स्थानीय अदालत ने मंगलवार को पूजा सिंघल की ईडी हिरासत 8 जून तक के लिए बढ़ा दी है।
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ईडी के वकील बीएमपी सिंह ने बताया कि सुमन कुमार और पूजा सिंघल को कोर्ट के सामने पेश किया गया। ईडी ने मांग की कि सुमन कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। कोर्ट ने इसे स्वीकार किया और उसे जेल भेज दिया।
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इसके पहले पूजा सिंघल को पांच दिन की ईडी हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया गया। इससे पहले कोर्ट ने 16 मई को निलंबित आईएएस अधिकारी और उनके सीए को ईडी कस्टडी में भेजा था।
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क्या है मामला?
- सिंघल एवं अन्य के खिलाफ यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें झारखंड सरकार के पूर्व जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा को ईडी ने 17 जून 2020 को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। उससे पहले उसके खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद 2012 में एजेंसी द्वारा पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया था।
- सिन्हा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक धाराओं के तहत धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर एक अप्रैल 2008 से 21 मार्च 2011 तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए कथित तौर पर जनता के पैसे की धोखाधड़ी करके उसे अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश करने का आरोप है।
- एजेंसी ने पहले कहा था कि उक्त धन को खूंटी जिले में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत सरकारी परियोजनाओं के निष्पादन के लिए रखा गया था। सिन्हा ने ईडी को बताया कि उसने जिला प्रशासन को पांच प्रतिशत कमीशन (धोखाधड़ी में से) का भुगतान किया है।