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हाईकोर्ट का फैसला: कहा- महिला के घर में घुसना, उसके कपड़े उठाना दुष्कर्म का प्रयास नहीं; 26 साल पुराना है केस

Tue, 08 Sep 2026 09:47 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, रांची।
एजेंसी, रांची। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 08 Sep 2026 09:47 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने नारी गरिमा से जुड़े ढाई दशक से अधिक पुराने मुकदमे में अहम फैसला पारित किया है। जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने कहा, महिला के घर में घुसना और उसके कपड़े उठाना दुष्कर्म का प्रयास नहीं माना जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने चार साल कारावास की सजा को महिला की गरिमा भंग करने संबंधी अपराध में बदल दिया। जानिए पूरा मामला

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Jharkhand High Court ruling Entering woman house and picking clothes Justice Pradeep Srivastava order
झारखंड हाईकोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि रात में किसी महिला के घर में घुसना और उसके कपड़े उठाना, अपने आप में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दुष्कर्म या दुष्कर्म के प्रयास का अपराध नहीं माना जा सकता है। अदालत ने 26 साल पुराने मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को संशोधित करते हुए आरोपी की सजा को महिला की गरिमा भंग करने और आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित अपराध में बदल दिया।

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कौन सा कृत्य दुष्कर्म के प्रयास के लिए पर्याप्त नहीं?
जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा, दुष्कर्म के प्रयास के लिए ऐसा विशिष्ट प्रत्यक्ष कृत्य होना जरूरी है, जो दुष्कर्म किए जाने के करीब हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि महज ऐसा कृत्य, जो दुष्कर्म की ओर बढ़ने का संकेत देता हो, आईपीसी के तहत दुष्कर्म के प्रयास के लिए पर्याप्त नहीं है। आरोपी ने घाटशिला सत्र अदालत के 25 जुलाई के फैसले को चुनौती दी थी।
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1999  में एफआईआर, चार साल की जेल, हाईकोर्ट ने कहा- 8 माह की हिरासत पर्याप्त
सत्र अदालत ने दुष्कर्म के प्रयास में आरोपी को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। मामले में 1999  में एफआईआर दर्ज हुई थी। महिला का लगाया था कि आरोपी रात में घर में घुसा और दुष्कर्म की नीयत से उसके कपड़े उठाने की कोशिश की।
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हाईकोर्ट ने सजा में क्या संशोधन किया?
पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का आरोपपत्र दाखिल किया और ट्रायल कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया। हाईकोर्ट ने सजा में संशोधन करते हुए कहा, आरोपी करीब 8 माह हिरासत में रह चुका है और न्याय के उद्देश्य के लिए यह अवधि पर्याप्त है।

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