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झारखंड न्यूज: बिना पेन और यू-डायस कोड स्वीकार नहीं होंगे बोर्ड परीक्षा फॉर्म

Tue, 08 Sep 2026 02:55 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 08 Sep 2026 02:55 PM IST
सार

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वर्ष 2027 की मैट्रिक, इंटर, मदरसा और मध्यमा परीक्षाओं के लिए PEN और U-DISE कोड अनिवार्य कर दिया है। बिना PEN के विद्यार्थियों का पंजीयन और बिना U-DISE कोड के परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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jharkhand board exam 2027 pen u dise code mandatory exam form
(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड बोर्ड की वर्ष 2027 की मैट्रिक, इंटर, मदरसा और मध्यमा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए जरूरी खबर है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने परीक्षा से जुड़े पंजीयन और फॉर्म भरने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों के लिए परमानेंट एजुकेशन नंबर यानी PEN और शिक्षण संस्थानों के लिए U-DISE कोड अनिवार्य कर दिया गया है। परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि PEN और U-DISE कोड के बिना किसी भी छात्र का पंजीयन या परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए काउंसिल ने सभी विद्यालयों और संबंधित शिक्षण संस्थानों को 30 सितंबर तक विद्यार्थियों का PEN जनरेट कराने का निर्देश दिया है। वहीं, जिला स्तर पर शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों से PEN नंबर से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है।

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मैट्रिक-इंटर के साथ मदरसा और मध्यमा पर भी लागू होगी व्यवस्था

झारखंड एकेडमिक काउंसिल की यह अनिवार्य व्यवस्था केवल मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी। इसका दायरा मध्यमा और मदरसा परीक्षाओं तक भी होगा। मदरसा की वस्तानियां, फौकानिया और मौलवी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यही नियम लागू होगा।

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स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश के तहत झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के फर्जी या डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगाना और शैक्षणिक आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय बनाना है। एकीकृत डेटाबेस तैयार होने से शैक्षणिक योजनाओं के संचालन, उनकी निगरानी और नीति निर्माण में भी आसानी होगी। इसके अलावा प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर जीईआर, एनईआर और ड्रॉपआउट दर में सुधार के लिए बेहतर कार्ययोजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।

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यू-डायस पोर्टल पर आंकड़े अपलोड होते ही जनरेट होगा PEN

काउंसिल के निर्देश के अनुसार, केंद्र सरकार के यू-डायस पोर्टल पर विद्यार्थियों के आंकड़े अपलोड होते ही उनका PEN अपने आप जनरेट हो जाता है। परिषद ने सभी विद्यालय प्रमुखों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन शुरू होने के साथ ही विद्यार्थियों के PEN की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।


जिन शिक्षण संस्थानों के पास अब तक अपना U-DISE कोड उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल कोड प्राप्त करने के लिए कहा गया है। इसके लिए संबंधित संस्थानों को झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक से तुरंत संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

बिना यू-डायस कोड वाले स्कूलों के सामने बढ़ी परेशानी

जिन विद्यालयों के पास अपना U-DISE कोड नहीं है, उनके सामने परीक्षा फॉर्म भरवाने को लेकर प्रशासनिक कठिनाइयां खड़ी हो गई हैं। ऐसे कई संस्थानों ने विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म भरवाने के लिए आसपास के U-DISE कोड वाले विद्यालयों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा में शामिल होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी का PEN उपलब्ध हो और संबंधित शिक्षण संस्थान के पास वैध U-DISE कोड भी हो।

पलामू में स्कूलों से मांगी गई PEN की पूरी रिपोर्ट

दूसरी ओर, पलामू के जिला शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने वर्ष 2027 में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को लेकर जिले के सभी उच्च विद्यालयों और प्लस टू विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से रिपोर्ट तलब की है। प्रधानाध्यापकों से पूछा गया है कि उनके विद्यालय में कितने विद्यार्थियों का PEN नंबर बन चुका है और कितने विद्यार्थियों का PEN अभी बकाया है। जिन विद्यार्थियों का PEN अब तक जनरेट नहीं हो सका है, उनके मामले में इसके कारणों का विस्तृत ब्योरा भी मांगा गया है।



ऐसे में स्कूलों के सामने अब निर्धारित समय सीमा के भीतर विद्यार्थियों का PEN जनरेट कराने और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी पूरी करने की चुनौती है। काउंसिल के इस फैसले के बाद वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों का पंजीयन और परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी तरह PEN और U-DISE व्यवस्था से जुड़ गई है।

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