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यहां नदियों से निकल रहा सोना, खुद ही देख लें

Wed, 22 Jul 2015 08:43 AM IST
Updated Wed, 22 Jul 2015 08:43 AM IST
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Jharkhand rivers was spewing of gold

झारखंड में न सिर्फ धरती के गर्भ में सोने का भंडार है, बल्कि यहां की नदियां भी सोना उगल रही हैं, वह भी सालों से। हालांकि ये किसी को नहीं पता कि नदियों की रेत में सोना कहां से आता है।

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लेकिन सुवर्णरेखा और इसकी सहायक करकरी जैसी नदियों की रेत मे सोने के बेहद महीन कणों के मिलने का सिलसिला सालों से जारी है।

इन नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों के लिए ये कण रोजगार का साधन बने हुए हैं, रेत से सोना निकालने की प्रक्रिया काफ़ी जटिल होने के बावजूद ग्रामीण इस काम में लगे हुए हैं। किसी-किसी परिवार के लोग तो पीढ़ी दर पीढ़ी इसी काम में लगे हैं।

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ग्रामीण रेत से चुनते हैं सोना

Jharkhand rivers was spewing of gold

झारखंड के तमाड़ इलाके के पुरनानगर, नोढ़ी, तुलसीडीह, कडरुडीह आदि गांव के लोग नज़दीक बहने वाली करकरी नदी की रेत से सोना निकालते हैं।

यह काम पूरे साल चलता है। बरसात के दिनों में नदी में ज्यादा पानी आ जाने से कुछ दिनों के लिए सोना निकालने का काम रुक जाता है।

पुरनानगर के दुलाल रविदास ऐसे ही एक शख्स हैं। रोज सुबह करकरी नदी की धार मे खड़े होकर रेत से सोना चुनना ही इनका पेशा है। तारिणी देवी भी यही करती हैं। तारिणी ने बताया कि सुबह खाना बनाने के बाद वे यहां सोना चुनने आ जाती हैं।

3-4 घंटे तलाशने के बाद उन्हें सोने के चार-पांच कण मिल जाते हैं। सोने के ये कण चावल के दाने के बराबर होते हैं। स्थानीय सुनार 80-100 रुपये प्रति कण के हिसाब से इन्हें खरीद लेते हैं और फिर इसे रांची के बाजार में प्रति कण 250-300 के हिसाब से बेच देते हैं। इस तरह सोना चुनने वाला एक शख्स महीने में औसतन 4000 रुपये तक कमा लेता है।

सोने की चिड़िया झारखंड

Jharkhand rivers was spewing of gold

तारिणी का मायका परासी में है। वहां जीएसआई ने सोने की खान होने की संभावना जताई है। तारिणी ने बताया कि कई बार घंटों नदी की धार मे खड़े होने के बावजूद सोने के कण नहीं मिलते, इसके लिए काफ़ी सब्र रखना होता है, कई बार जल्दी ही ज्यादा कण मिल जाते हैं।

जाने-माने भूवैज्ञानिक नीतीश प्रियदर्शी ने बताया कि स्वर्णरेखा और करकरी जैसी नदियां अपने उदगम स्थल से नीचे आते-आते कई तरह की चट्टानों से टकराती हैं।

इसी दौरान इनमें सोने के अति सूक्ष्म कण मिल जाते हैं. इन्हीं कणों को गांव के लोग चुनते हैं। उन्होंने बताया कि न केवल स्वर्णरेखा और करकरी बल्कि कोयल व दामोदर जैसी नदियों से भी कुछ खास इलाकों में सोने के कण निकाले जाते हैं।

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