झारखंड की बेटी को राष्ट्रीय सम्मान: धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
झारखंड की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य का वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। धनबाद के बरमसिया मध्य विद्यालय में कार्यरत मुनमुन को नवाचार और गतिविधि-आधारित शिक्षण के लिए 5 सितंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति सम्मानित करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत सरकार के शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है। झारखंड से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य का चयन हुआ है। उनके चयन की खबर से धनबाद समेत पूरे झारखंड के शिक्षकों और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
मुनमुन भट्टाचार्य धनबाद के बरमसिया स्थित मध्य विद्यालय में शिक्षिका हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, नवाचार और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान के लिए चुना गया है। राज्य स्तर की चयन समिति ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कई उत्कृष्ट शिक्षकों के नाम केंद्रीय चयन समिति को भेजे थे। कड़े मूल्यांकन, प्रस्तुतीकरण और नवाचार के आकलन के बाद सीमित सीटों के बीच मुनमुन भट्टाचार्य अंतिम चयन सूची में जगह बनाने में सफल रहीं।
2008 से शुरू हुआ शिक्षण का सफर
मुनमुन भट्टाचार्य का शिक्षण सफर वर्ष 2008 में डीएवी पब्लिक स्कूल, कोयला नगर से शुरू हुआ। वर्ष 2015 तक उन्होंने वहां शिक्षिका के रूप में काम किया। इसके बाद वर्ष 2016 में सरकारी शिक्षिका के तौर पर रांची जिले के सिल्ली स्थित एक विद्यालय में योगदान दिया। वर्ष 2019 में उनका तबादला धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया में हुआ। वर्ष 2023 में उन्हें विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए कई प्रयोग किए। उन्होंने स्वयं शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीचिंग-लर्निंग मटेरियल) तैयार की और पढ़ाई को सिर्फ किताब-कॉपी तक सीमित रखने के बजाय गतिविधि-आधारित बनाया। स्कूल में पोषण वाटिका, जल संरक्षण और कंप्यूटर आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में भी उन्होंने काम किया। उनकी इसी नवाचारी सोच और विद्यालय में किए गए कार्यों को जिला स्तर पर भी सराहना मिली और उन्हें सम्मानित किया गया।
ये भी पढ़ें- Ranchi: हजारीबाग में पुलिस और राहुल दुबे गैंग के संदिग्धों के बीच मुठभेड़, 2 घायल; एक जंगल में फरार
झारखंड के लिए गौरव की बात
राजधानी रांची के शिक्षक परमेश्वर सिंह ने कहा कि किसी शिक्षक का राष्ट्रीय स्तर के सम्मान के लिए चयन होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष झारखंड की एक शिक्षिका का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन होना पूरे राज्य के शिक्षकों के लिए गर्व की बात है। मुनमुन भट्टाचार्य का चयन न सिर्फ धनबाद, बल्कि झारखंड के सरकारी विद्यालयों में नवाचार और बेहतर शिक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलने के तौर पर देखा जा रहा है।