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Jharkhand: रेरा ने रियल एस्टेट कंपनी और उसके भागीदारों को किया ब्लैकलिस्ट, मानदंडों के उल्लंघन का आरोप

Fri, 19 May 2023 04:17 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: गुलाम अहमद Updated Fri, 19 May 2023 04:17 PM IST
सार

झारखंड रेरा के चेयरमैन रंजीत कुमार चौधरी ने मीडिया को बताया कि राज्य में इस तरह की पहली कार्रवाई में हमने साढ़े तीन साल पहले इस संबंध में अदालती आदेश के बावजूद झारखंड रेरा में पंजीकरण न कराने और विभिन्न मानदंडों के उल्लंघन के लिए मैसर्स रिब्लून इंपेक्स (M/s Rebloon Impex) और उसके तीन भागीदारों को काली सूची में डाल दिया है।
 

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Jharkhand RERA blacklists firm and three partners for violation of norms not registering project
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

झारखंड रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने एक रियल एस्टेट कंपनी और उसके तीन भागीदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। रेरा ने शुक्रवार को कहा कि इन पर मानदंडों के उल्लंघन और परियोजनाओं के पंजीकरण न करने का आरोप है। रेरा ने इन कंपनियों को कोई भी परियोजना शुरू करने से रोक भी दिया है।  रियल एस्टेट प्राधिकरण के मुताबिक, कंपनी और उसके तीन भागीदारों के खिलाफ कुल 18 शिकायतें मिली हैं।

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झारखंड रेरा के चेयरमैन रंजीत कुमार चौधरी ने मीडिया को बताया कि राज्य में इस तरह की पहली कार्रवाई में हमने साढ़े तीन साल पहले इस संबंध में अदालती आदेश के बावजूद झारखंड रेरा में पंजीकरण न कराने और विभिन्न मानदंडों के उल्लंघन के लिए मैसर्स रिब्लून इंपेक्स (M/s Rebloon Impex) और उसके तीन भागीदारों - धर्मेंद्र कुमार धीरज, राजेश कुमार और शशिकांत सिंह को काली सूची में डाल दिया है।
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वहीं, झारखंड रेरा के सदस्य बीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि प्राधिकरण खरीदारों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें अंतिम उपाय के रूप में फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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रंजीत चौधरी ने कहा कि मैसर्स रिब्लून इंपेक्स और उसके तीन भागीदारों के खिलाफ कुल 18 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 17 में आदेश पारित किए जा चुके हैं। पहले मामले का निस्तारण दिसंबर 2019 में किया गया था, जिसमें पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। रेरा पंजीकरण नियमों का बार-बार उल्लंघन के लिए फर्म को अदालत द्वारा नोटिस दिया गया था कि उन्हें कालीसूची में डालने के लिए कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इन प्रक्रियाओं का पालन करने में विफलता के बाद  रियल एस्टेट कंपनी और उसके भागीदारों को कालीसूची में डाल दिया गया।

रेरा में परियोजनाओं को पंजीकृत करना अनिवार्य
झारखंड रेरा अधिनियम की धारा 3 प्रमोटरों को आठ इकाइयों या 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि वाली परियोजनाओं (आवासीय, वाणिज्यिक, प्लॉट विकास / लेआउट, विला या मिश्रित विकास) को रेरा के साथ पंजीकृत करना अनिवार्य बनाती है। रेरा के पदाधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण को अब तक घर खरीदारों से 382 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से 189 का निस्तारण किया जा चुका है और 193 लंबित हैं।


रेरा को 1,736 आवेदन
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को परियोजनाओं के पंजीकरण के लिए राज्य में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से 1,736 आवेदन मिले थे, जिनमें से 1,144 पंजीकृत थे, जबकि 525 आवेदनों को मानदंडों को पूरा नहीं करने के कारण खारिज कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बिना कोई भी प्रमोटर किसी प्लॉट, अपार्टमेंट या भवन को बेचने के लिए विज्ञापन, बुक करने, बिक्री की पेशकश नहीं करेगा, या किसी भी तरीके से लोगों को खरीदने के लिए आमंत्रित नहीं करेगा। अधिकारियों ने कहा कि घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए अब तक 17 मामलों में राशि की वसूली के आदेश दिए गए हैं।

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