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Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand Political Crisis, Nishikant Dubey Tweet Today, Hemant Soren EC Decision

Jharkhand: 'जोहार, जय श्री राम आखिर झारखंड में हो गया काम ?', भाजपा नेता के ट्वीट से सियासी हलचल तेज

Mon, 22 Aug 2022 11:56 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 22 Aug 2022 11:56 AM IST
सार

झारखंड कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने बुधवार को ही रांची में हुई पार्टी विधायकों की बैठक में ये निर्देश दिया है कि वे अगले 24 अगस्त तक रांची में या आसपास ही रहे, झारखंड से बाहर नहीं जाए और बुलावे पर चार घंटे के अंदर रांची पहुंच जाएं।

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Jharkhand Political Crisis, Nishikant Dubey Tweet Today, Hemant Soren EC Decision
हेमंत सोरेन(फाइल) - फोटो : Social Media

विस्तार

झारखंड में सियासी अटकलों को एक बार फिर से हवा मिलने लगी है और यह हवा और कोई नहीं बल्कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे दे रहे हैं। पिछले पांच दिनों से वे लगातार ट्वीट कर रहे हैं जिससे झारखंड की सियासत गरमा गई है। इस बार उन्होंने जो ट्वीट किया है, अगर यह सच होता है तो झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। निशिकांत ने लिखा कि 'जोहार, जय श्री राम आखिर झारखंड में हो गया काम?' इस ट्वीट ने सियासी जगत में उलझन पैदा कर दी है। इस ट्वीट का मतलब यह भी निकाला जा रहा है कि कहीं चुनाव आयोग सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ कोई फैसला तो नहीं सुनाने वाला है? वहीं दूसरा मतलब यह निकाला जा रहा है कि कहीं विधायक तो पलटी नहीं मारने वाले हैं।

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आखिर क्यों हेमंत सोरेन सरकार पर मंडरा रहे संकट के बादल
दरअसल, खदान लीज घोटाले मामले में हेमंत सोरेन की सदस्यता जाने की आशंका लगाई जा रही है। जिसके चलते राज्य की राजनीति में सियासी भूचाल आने की पूरी संभावना है। कहा जा रहा कि  अगर सीएम हेमंत सोरेन को भी किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा  तो वे कल्पना सोरेन को सीएम पद की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
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भाभीजी आदिवासी सीट पर चुनाव लड़ने के काबिल नहीं: निशिकांत दुबे
निशिकांत दुबे ने हेमंत सोरने की पत्नी कल्पना सोरेन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि भाभीजी के नाम पर झामुमो के वरिष्ठ विधायक व कांग्रेस सहमत नहीं दिखाई दे रही है,कारण पंचायत चुनाव के नोटिफिकेशन के अनुसार भाभीजी आदिवासी सीट पर चुनाव लड़ने के काबिल नहीं हैं । बसंत भैया व सीता भाभीजी भी चिंतित हैं।
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