दयाशंकर के झारखंड में घूमने पर पुलिस की सफाई, बिना शिकायत नहीं होगी गिरफ्तारी
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भाजपा से निष्कासित पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह के झारखंड के देवद्यर में घूमने की खबर सामने आने के बाद बवाल शुरू हो गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर दयाशंकर को शह देने का आरोप लगाते हुए उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है तो झारखंड पुलिस का कहना है कि बिना यूपी पुलिस की अपील के वह उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती।
बता दें कि भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर अभद्र टिप्पणी कर दी थी, जिसके विरोध में बसपा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ एससी एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया था।
भाजपा ने भी उन्हे पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही दयाशंकर भूमिगत हो गए थे। लाख प्रयास के बाद भी पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकी थी। लेकिन एक दिन पूर्व ही झारखंड के देवघर में कांवडियों के साथ दयाशंकर की तस्वीरें सामने आईं थी।
जिसमें वह बाबा बैद्यनाथ के दर्शनों के लिए उनके मंदिर के बाहर खड़े दिखाई दे रहे थे। उनकी ये तस्वीरें सामने आने के बाद जहां बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसके लिए भाजपा सरकार पर निशाना साधा था वहीं झारखंड में बसपा के इकलौते विधायक कुशवाहा सिंह पूजन मेहता ने इसके लिए झारखंड पुलिस पर निशाना साध दिया।
देवघर एसपी का दावा, बिना औपचारिक सूचना के गिरफ्तार नहीं होंगे दयाशंकर
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार विधायक ने दयाशंकर के बहाने एक अपराधी के देवघर के प्रसिद्ध श्रावणी मेले में खुलेआम घूमने का आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। विधायक ने झारखंड सरकार कह रही है कि यह जांच का विषय है लेकिन इस तरह तो कोई भी अपराधी या असामाजिक तत्व मेले में आकर किसी वारदात को भी अंजाम दे सकता है।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि दयाशंकर शनिवार शाम को अपने दो साथियों के साथ सड़क के रास्ते देवघर पहुंचे थे जहां उन्होंने मंदिर में पूजा की।
वहीं मामले में देवघर की एसपी ए विजयालक्ष्मी ने कहा कि दयाशंकर को गिरफ्तार करने और उनकी पहचान करने के लिए यूपी पुलिस की ओर से उनसे कोई निवेदन नहीं किया गया था। ऐसे में यूपी पुलिस के बिना किसी औपचारिक आग्रह के दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करना संभव नहीं था।
वहीं उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर दयाशंकर दोबारा भी कहीं देखे जाते हैं तो झारखंड पुलिस बिना किसी औपचारिक आग्रह या सूचना के उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी।