Jharkhand: पश्चिमी सिंहभूम में डकैती की साजिश रचते छह गिरफ्तार; पश्चिमी जिले में आईईडी निष्क्रिय किया गया
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झारखंड में डकैती की साजिश रचने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी घाटशिला उपखंड के मुसाबनी ग्रामीण इलाके से की गई। इनमें से दो मानगो इलाके में पिछले दिसंबर में दोहरे हत्याकांड में कथित तौर पर शामिल थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने बुधवार को बताया कि ये गिरफ्तारियां तब हुईं, जब ये लोग मंगलवार रात पूर्वी सिंहभूम जिले के बेनासोल गांव में स्वर्णरेखा नदी पंप हाउस के पास डकैती को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। छह अपराधियों में राजू तांती (जिन्हें भुबन तांती भी कहा जाता है) और शत्रुघ्न हांसदा सरायकेला-खरसावां जिले के निवासी हैं। तांती और हांसदा पर आठ दिसंबर को मानगो में एक सिपाही और एक अपराधी को गोली मारने का आरोप है।
पुलिस कांस्टेबल की मौत उन हमलावरों को पकड़ने का प्रयास करते समय हुई, जो शहजाद नामक अपराधी (जिसे टांडा के नाम से भी जाना जाता है) की हत्या करने के बाद भागने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपराधियों के पास से एक देशी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, एक धारदार हथियार और एक कटर बरामद किया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए एक मिनी ट्रक और दो मोटरसाइकिलों के साथ-साथ पांच मोबाइल फोन और 13,920 रुपये नकद भी जब्त किए।
माओवादियों की साजिश नाकाम
इस बीच पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हेसाबंद और जोजोहातु गांव के बीच जंगल में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी का पता लगाया।. इसका वजन करीब पांच किलोग्राम था और बम निरोधक दस्ते ने इसे मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया।
आजीवन कारावास की सजा काट रहे 56 दोषी होंगे रिहा
वहीं, राज्य सरकार ने कुल 109 मामलों की समीक्षा के बाद बुधवार को राज्य भर की विभिन्न जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 56 दोषियों को रिहा करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बोर्ड की इस 30वीं बैठक में सोरेन ने रिहा किए गए कैदियों की निरंतर ट्रैकिंग और निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया और अधिकारियों को उनके उचित पुनर्वास की दिशा में काम करने, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया।