{"_id":"3d1a9d92-6458-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"jharkhand-might-be-in-worse-situation","type":"story","status":"publish","title_hn":"...तो झारखंड की हालत और खराब हो जाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो झारखंड की हालत और खराब हो जाती
जमशेदपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 22 Jan 2013 11:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता हेमंत सोरेन ने आज कहा कि अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से अगर पार्टी ने समर्थन वापस नहीं लिया होता तो झारखंड की हालत और खराब हो जाती।
विज्ञापन
मुंडा सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे सोरेन ने यहां पर संवाददाताओं को बताया कि राज्य में कोई लोकतंत्र नहीं था और पिछले ढाई साल से नौकरशाह इसे चला रहे थे।
विज्ञापन
मुंडा सरकार से अपनी पार्टी द्वारा समर्थन वापस लेने को सही ठहराते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या पिछले ढाई साल के दौरान कहीं पर विकास हुआ है? यह पूछे जाने पर कि झामुमो ने इतने दिनों तक सरकार का समर्थन क्यों किया तो हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारा उद्देश्य झारखंड को विकास के पथ पर अग्रसर होते हुए देखना था। हेमंत झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के पुत्र हैं।
विज्ञापन