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झारखंड शिक्षक भर्ती 2016: 2,034 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर 16 दिसंबर को हाई कोर्ट में सुनवाई
Thu, 05 Nov 2026 07:54 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2026 07:54 AM IST
सार
झारखंड हाई कोर्ट में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के तहत नियुक्ति से जुड़े मामले में राज्य सरकार और जेएसएससी की अपील पर आंशिक सुनवाई हुई।
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झारखंड हाई कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोकन और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 नियुक्ति से जुड़े मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की अपील पर आंशिक सुनवाई की। अदालत ने इस मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि निर्धारित की है। इसके साथ ही अदालत ने इस नियुक्ति प्रकरण से संबंधित अवमानना याचिका की सुनवाई पर अगले आदेश तक रोक बरकरार रखी है।
कुल पद थे 17,786, भर्ती की 12,046 पर ही
मामले की पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान प्रार्थियों ने अदालत को बताया था कि उक्त नियुक्ति परीक्षा में सरकार ने 17,786 पदों के विरुद्ध मात्र 12,046 पद ही भरे हैं। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की एकल पीठ ने प्रार्थियों के प्रतिवेदन के आधार पर योग्य एवं अर्हता पूरी करने वाले 2,034 अभ्यर्थियों को भी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। एकल पीठ के इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और आयोग ने अपील दायर की है।
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आयोग का तर्क और अदालती रोक
ताजा सुनवाई के दौरान जेएसएससी ने अदालत में अपना पक्ष रखा। आयोग ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में ही पूरी नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न की है। आयोग का कहना है कि एकल पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत जाकर अपना आदेश पारित किया है। चीफ जस्टिस एमएस सोकन और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने जेएसएससी और सरकार के तर्कों पर विचार करते हुए मामले की विस्तृत सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है। इसके साथ ही अदालत ने अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा है।
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कुल पद थे 17,786, भर्ती की 12,046 पर ही
मामले की पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान प्रार्थियों ने अदालत को बताया था कि उक्त नियुक्ति परीक्षा में सरकार ने 17,786 पदों के विरुद्ध मात्र 12,046 पद ही भरे हैं। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की एकल पीठ ने प्रार्थियों के प्रतिवेदन के आधार पर योग्य एवं अर्हता पूरी करने वाले 2,034 अभ्यर्थियों को भी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। एकल पीठ के इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और आयोग ने अपील दायर की है।
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आयोग का तर्क और अदालती रोक
ताजा सुनवाई के दौरान जेएसएससी ने अदालत में अपना पक्ष रखा। आयोग ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में ही पूरी नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न की है। आयोग का कहना है कि एकल पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत जाकर अपना आदेश पारित किया है। चीफ जस्टिस एमएस सोकन और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने जेएसएससी और सरकार के तर्कों पर विचार करते हुए मामले की विस्तृत सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है। इसके साथ ही अदालत ने अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा है।