झारखंड: 'आदिवासियों की घटती आबादी चिंता का विषय', जनजातियों को UCC से बाहर रखने के BJP के वादे पर बोले मरांडी
Jharkhand: बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा, क्योंकि झारखंड में उनकी जनसंख्या लगातार घट रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आजादी के बाद से झारखंड में आदिवासी जनसंख्या में दस फीसदी की कमी आई है।
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झारखंड भाजपा प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को कहा कि वह पार्टी के राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के वादे का समर्थन करते हैं। उन्होंने आदिवासी समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखने के फैसले पर भी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि यह इसलिए जरूरती है, क्योंकि आदिवासी समुदाय की घटती जनसंख्या चिंता का विषय है।
मरांडी ने एएनआई के साथ बातचीत में कहा, आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा, क्योंकि झारखंड में उनकी जनसंख्या लगातार घट रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आजादी के बाद से झारखंड में आदिवासी जनसंख्या में दस फीसदी की कमी आई है।
उन्होंने कहा, अगर हम विशेष रूप से संथाल परगना की बात करें, तो कमी 16 फीसदी तक पहुंच जाती है, जो चिंता का विषय है। जबकि बाकी जनसंख्या बढ़ रही है। आदिवासियों की संख्या घट रही है। जिससे सभी के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। आदिवासियों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि उनके समुदाय को संरक्षित किया जा सके। मरांडी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ गढ़वा में एक रैली में भाग लिया।
मरांडी ने कहा, प्रधानमंत्री ने झारखंड में चुनाव अभियान की शुरुआत गढ़वा से की। उन्होंने झारखंड के लिए भाजपा के घोषणापत्र के मुद्दों पर बात की और बताया कि राज्य सरकार ने पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं को रोका है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में खनिजों की लूट के मामलों पर भी चर्चा की गई और यह बताया कि कैसे सत्ता में बैठे लोग इसमें शामिल हैं। युवाओं का स्पष्ट समर्थन था, क्योंकि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री उनके पक्ष में बात कर रहे है और उनका उत्साह दिखाई दे रहा था।
बाबूलाल मरांडी ने कहा, जब (मुख्यमंत्री) हेमंत सोरेन ने यूसीसी के खिलाफ बयान दिया कि यूसीसी नहीं चलेगा और हमारे पास सीएनटी और एसपीटी अधिनियम हैं। सीएनटी और एसपीटी अधिनियम मौजूद हैं। लेकिन फिर भी जमीन के दलाल आदिवासियों की जमीन को कोलकाता में बने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके बेच रहे हैं। ये दलाल हेमंत सरकार के संरक्षण में हैं। जब लोग शिकायत करने जाते हैं, तो कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं होता, जिससे लोग निराश हैं। भाजपा ने आश्वासन दिया है कि जब वह सत्ता में आएगी तो कानूनों को सख्ती से लागू किया जाएगा और जमीन के दलालों और धोखाधड़ी में शामिल लोगों की एक-एक पहचान की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
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