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Jharkhand CM Hemant Soren: सीएम सोरेन के मीडिया सलाहकार ने ईडी ऑफिस की कराई थी जासूसी
Sat, 24 Dec 2022 07:06 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 24 Dec 2022 07:06 AM IST
सार
ईडी ने अदालत को बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता पंकज मिश्रा की 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में गिरफ्तारी के बाद यह योजना बनाई गई।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड हाईकोर्ट को बताया है कि मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित केस में उसकी जांच को बाधित करने के लिए मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू और महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से उसके अंचल कार्यालय की जासूसी कराई गई। इसमें दोनों के बीच ईडी के अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने पर बात हुई है।
ईडी ने अदालत को बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता पंकज मिश्रा की 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में गिरफ्तारी के बाद यह योजना बनाई गई। ईडी ने कोर्ट को बताया कि अभिषेक प्रसाद की कॉल को ‘कानूनी तौर पर इंटरसेप्शन’ के तहत रखा गया था। इसने हाईकोर्ट के साथ इंटरसेप्टेड कॉल्स के ट्रांसक्रिप्ट भी साझा किए।
उनकी कॉल को इंटरसेप्ट किया गया था जो उनके नंबर 94**41 के माध्यम से दूसरे नंबर 94**32 (राजीव रंजन, एडवोकेट जनरल) पर किया गया था। अभिषेक प्रसाद आरोपी पंकज मिश्रा के लिए एक सरकारी वकील की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे थे।
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ईडी ने अदालत को बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता पंकज मिश्रा की 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में गिरफ्तारी के बाद यह योजना बनाई गई। ईडी ने कोर्ट को बताया कि अभिषेक प्रसाद की कॉल को ‘कानूनी तौर पर इंटरसेप्शन’ के तहत रखा गया था। इसने हाईकोर्ट के साथ इंटरसेप्टेड कॉल्स के ट्रांसक्रिप्ट भी साझा किए।
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उनकी कॉल को इंटरसेप्ट किया गया था जो उनके नंबर 94**41 के माध्यम से दूसरे नंबर 94**32 (राजीव रंजन, एडवोकेट जनरल) पर किया गया था। अभिषेक प्रसाद आरोपी पंकज मिश्रा के लिए एक सरकारी वकील की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे थे।
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