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Jharkhand News: 'DGP की निगरानी में ACB ने रातों-रात उत्पाद विभाग से ढोए कागजात', बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप
Fri, 29 Aug 2025 07:44 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 29 Aug 2025 07:44 PM IST
सार
Jharkhand News: एसीबी की कार्रवाई को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह प्रयास सीधे-सीधे ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों की भविष्य में संभावित जांच से पहले महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने के मकसद से किया गया। पढ़ें पूरी खबर...।
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नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंगलवार की रात एक चौंकाने वाली घटना की जानकारी मिली। मरांडी ने आरोप लगाया कि तहत उत्पाद विभाग से एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) द्वारा भारी मात्रा में कागजात रात के अंधेरे में गुप्त तरीके से ले जाए गए हैं। बाबूलाल ने इस कार्रवाई को सामान्य प्रक्रिया से अलग, पूरी तरह संदिग्ध और योजनाबद्ध बताया।
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डीजीपी पर भी उठाए सवाल
बाबूलाल ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राज्य के डीजीपी के सीधे हस्तक्षेप और निगरानी में हुई है, जबकि वे स्वयं अवैध रूप से पद पर बैठे हैं। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि आखिरकार एक ट्रक भरकर कागजात आधी रात में क्यों हटाए गए? क्या यह कदम किसी बड़े भ्रष्टाचार के सबूतों को मिटाने की साजिश है?
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भ्रष्टाचार और सबूत मिटाने की आशंका
मरांडी ने कहा कि यह कार्रवाई कुछ चुनिंदा अधिकारियों और राजनीतिक सरगनाओं को बचाने के लिए की गई है। उनके अनुसार, यह प्रयास सीधे-सीधे ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों की भविष्य में संभावित जांच से पहले महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने के मकसद से किया गया। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार और घोटालों के सबूतों को मिटाने की खुली कोशिश है।
जनता से जुड़े गंभीर सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि किसे बचाने के लिए यह खेल खेला जा रहा है और किसके इशारे पर सबूत मिटाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या बिना फोटोकॉपी करवाए और विधिवत जब्ती सूची बनाए, किसी भी विभाग के कागजात को रात में गुपचुप तरीके से उठाकर ले जाने का कोई प्रावधान है? क्या यह मुख्यमंत्री की जानकारी और सहमति से हुआ है या नहीं?
पहले भी उठाई जा चुकी हैं फाइलें
मरांडी ने अखबारों का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी एसीबी कुछ ऐसी फाइलें उठा चुकी है, जिसके कारण शराब दुकानों के अगले आवंटन में कठिनाई खड़ी हो गई है और इससे राजस्व को संभावित हानि हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किया कि आखिर इस गंभीर मामले पर उनका रुख क्या है और क्या वे इसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे।
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‘सुराग बचे रहेंगे’
मरांडी ने अपने बयान में कहा कि चाहे भ्रष्टाचार में लिप्त लोग कितने भी चालाक क्यों न हों, इतिहास गवाह है कि कोई न कोई सुराग हमेशा बचा रह जाता है। यही सुराग एक दिन पूरे खेल को उजागर करेंगे और जिम्मेदार लोगों की सच्चाई सामने आएगी।