फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand: A wailing daughter tells the tale of sorry health infrastructure coronavirus Banna Gupta

झारखंड: अस्पताल का दौरा करते रहे मंत्री, मरीज ने बाहर तोड़ा दम, रोती बिलखती बेटी बोली- मैं चिल्लाती रही, नहीं आए डॉक्टर

Wed, 14 Apr 2021 10:08 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Wed, 14 Apr 2021 10:08 AM IST
सार

कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य प्रणाली की हकीकत को उजागर कर दिया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता मंगलवार को राजधानी रांची के सदर अस्पताल का हाल जानने पहुंचे थे, लेकिन यहां उन्हें उनकी व्यवस्था के चलते ही शर्मसार होना पड़ा। 

विज्ञापन
Jharkhand: A wailing daughter tells the tale of sorry health infrastructure coronavirus Banna Gupta
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

विस्तार

कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य प्रणाली की हकीकत को उजागर कर दिया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता मंगलवार को राजधानी रांची के सदर अस्पताल का हाल जानने पहुंचे थे, लेकिन यहां उन्हें उनकी व्यवस्था के चलते ही शर्मसार होना पड़ा। 

विज्ञापन


जिस वक्त मंत्री जी, अस्पताल के अंदर मरीजों का हाल ले रहे थे, तब पूरा महकमा उनकी खुशामद में लगा रहा। उसी दौरान अस्पताल के बाहर एक मरीज ने इलाज के अभाव में अपनी बेटी के सामने दम तोड़ दिया। जब स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल के बाहर निकले, तो अपने पिता को खोने के गम में रोती बिलखती बेटी ने मंत्री जी की बोलती बंद कर दी, उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई।
विज्ञापन


बेटी बोली- मंत्री जी मैं डॉक्टर-डॉक्टर चिल्लाती रह गई, कोई नहीं आया..
30 वर्षीय एक बेटी बड़ी ही उम्मीद से अपने बीमार पिता को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आई थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के चलते उसे अस्पताल में घुसने ही नहीं दिया गया। इसके चलते पिता ने बिना इलाज के ही दम तोड़ दिया। मंत्री जी जब अस्पताल से बाहर निकले, तब अस्पताल के बाहर पिता का शव लिए खड़ी बेटी ने मंत्री बन्ना गुप्ता के सामने चिल्लाते हुए बताया। मंत्री जी यहीं (अस्पताल परिसर में) डॉक्टर... डॉक्टर चिल्लाती रह गई। कोई डॉक्टर नहीं आया। अब आप क्या करेंगे। मेरे पिता को वापस ला देंगे। आप तो खाली वोट लेने आएंगे। लोग उसे समझाते रहे कि घर जाओ, लेकिन वो चिल्लाते रही। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हजारीबाग से रांची इलाज के लिए लेकर आई थी

पवन गुप्ता की तबीयत बिगड़ने पर उनकी बेटी उन्हें हजारीबाग से रांची लाए थी। वह अस्पताल दर अस्पताल भटकते रही, लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। आखिर में वह अपने पिता को लेकर सदर अस्पताल पहुंची। यहां अंदर मंत्री निरीक्षण कर रहे थे, बाहर वे तड़प रहे थे। आखिर में पवन गुप्ता ने अस्पताल के बाहर ही दम तोड़ दिया।

भाजपा बोली- सरकार की लापरवाही से बेटी ने खोया अपना पिता
राज्य में भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना पर कहा कि सरकार की लापरवाही से बेटी ने अपने पिता को खो दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण इस बेटी ने अपने पिता को खो दिया है। उन्होंने पूछा है कि आखिर कब अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे मुख्यमंत्री जी?



सरकार ने दिए जांच के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने घटना की जांच कर 48 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन रांची से मांगी हैं। उन्होंने पूछा है कि किन परिस्थितियों में किसकी लापरवाही के कारण मरीज की मौत हुई है। मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में झारखंड की जनता की सेहत की उन्हें चिंता है। इसलिए अपनी सेहत की परवाह किए बिना कोरोना मरीजों से मिलने कोरोना वार्ड में गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed