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IAS Pooja Singhal Case: आइएएस पूजा सिंघल की मुश्किलें और बढ़ीं, साहिबगंज के डीएमओ से हो रही पूछताछ
Mon, 23 May 2022 01:43 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 23 May 2022 01:43 PM IST
सार
साहिबगंज के डीएमओ अगर कोई अहम खुलासे करते हैं तो कई बड़े अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आशंका है कि इसमें कई बड़े नेताओं का नाम भी आ सकता है।
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पूजा सिंघल अपने पति के साथ(फाइल)
- फोटो : Social media
विस्तार
निलंबित आइएएस पूजा सिंघल के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में जांच कर रही ईडी की टीम ने अब अपनी जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। ईडी की टीम अब साहेबगंज के जिला खनन अधिकारी विभूति कुमार से रांची स्थित अपने अंचल कार्यालय में पूछताछ कर रही है। अगर विभूति कुमार कोई भी गुप्त राज उगलते हैं तो आइएएस पूजा सिंघल समेत कई बड़े नामी अधिकारी और नेता शिकंजे में आ सकते हैं। बता दें कि ईडी की टीम ने विभूति कुमार को कई बार समन भेजा था लेकिन ईडी के समन को वे नकारते रहे और मीडिया में यह बयान दे रहे थे कि उनसे किसी भी तरह की पूछताछ होने संबंधित कोई समन नहीं आया है।
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क्या है मामला?
- सिंघल एवं अन्य के खिलाफ यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें झारखंड सरकार के पूर्व जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा को ईडी ने 17 जून 2020 को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। उससे पहले उसके खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद 2012 में एजेंसी द्वारा पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया था।
- सिन्हा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक धाराओं के तहत धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर एक अप्रैल 2008 से 21 मार्च 2011 तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए कथित तौर पर जनता के पैसे की धोखाधड़ी करके उसे अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश करने का आरोप है।
- एजेंसी ने पहले कहा था कि उक्त धन को खूंटी जिले में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत सरकारी परियोजनाओं के निष्पादन के लिए रखा गया था। सिन्हा ने ईडी को बताया कि उसने जिला प्रशासन को पांच प्रतिशत कमीशन (धोखाधड़ी में से) का भुगतान किया है।
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