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झारखंड: डिप्टी कमिश्नर ने सरकारी अस्पताल में दिया बच्चे को जन्म, सीएम ने की तारीफ
Tue, 03 Mar 2020 09:05 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 03 Mar 2020 09:05 AM IST
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आईएएस अधिकारी किरण पासी ने सरकारी अस्पताल में दिया बच्चे को जन्म
- फोटो : Twitter
झारखंड में एक आईएएस अधिकारी ने सरकारी अस्पताल में अपने दूसरे बच्चे को जन्म देकर एक पहल की है। यह अधिकारी झारखंड के गोड्डा में तैनात हैं और उनका नाम किरण पासी है। गोड्डा रांची से 320 किलोमीटर उत्तर पूर्व में है। उन्होंने अपने पहले बच्चे को लखनऊ के निजी अस्पताल में जन्म दिया था।
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कमिश्नर ने रविवार को सुबह 9.51 बजे सी सेक्शन के जरिए बेटे को जन्म दिया। उनके इस कदम की सराहना अस्पताल के डॉक्टर्स, राज्य अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक ने की है। पासी को फिलहाल निगरानी में रखा गया है। गोड्डा के सिविल सर्जन शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा, 'यह जल्दबाजी में नहीं बल्कि पूरी तरह से सोचा-समझा गया फैसला था। पासी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं और इससे सरकारी सेवाओं में लोगों का विश्वास और बढ़ेगा।'
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झारखंड के गोड्डा ज़िले की उपायुक्त किरण कुमार पासी, IAS को बधाई।अपने बच्चे को जन्म देने के लिए सरकारी सदर अस्पताल को चुना। @IASassociation @ShekharGupta @anjanaomkashyap @pankajjha_ @rahulias6 @Alumni_LBSNAA pic.twitter.com/KF0I6iKHes
विज्ञापन विज्ञापन— Awanish Sharan (@AwanishSharan) March 1, 2020
डिप्टी कमिश्नर के इस फैसले की तारीफ करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विटर पर लिखा, 'राज्य की स्वास्थ्य सुविधाएं सक्षम हैं, यह दिखाने के लिए आपका प्रयास प्रशंसनीय है।' वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने लिखा, 'यह सिर्फ एक समाचार नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया है।'
झारखंड के प्रधान स्वास्थ्य सचिव, नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा, 'हर किसी को इस बात की तारीफ करनी चाहिए कि उन्हें प्रणाली में विश्वास है। लोग इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि वह डिप्टी कमिश्नर हैं लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि समग्र प्रणाली में सुधार हुआ है और इलाज करने में सक्षम है।'
मिश्रा का कहना है कि पासी के पति ने उनके इस फैसले का समर्थन किया था। सरकारी सेवाओं में उनके विश्वास के कारण ही उन्होंने इसका चुनाव किया। मिश्रा ने कहा, 'मैंने डिप्टी कमिश्नर से 20 दिन पहले मुलाकात की थी। हमने उनके मन में सरकारी अस्पताल के प्रति विश्वास पैदा किया और वह रविवार सुबह 6 बजे अस्पताल पहुंची जिसके बाद महिला डॉक्टरों की एक टीम ने उनका ऑपरेशन किया।'