Jharkhand: 'झारखंड में भाभी जी बनेंगी नई मुख्यमंत्री', भाजपा नेता के ट्वीट से सियासी अटकलें तेज
भाजपा नेता के ट्वीट के अनुसार जिस तरह लालू यादव ने 1997 में जेल जाने से पहले राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था, उसी तरह हेमंत सोरेन भी अपनी पत्नी को नई मुख्यमंत्री बना सकते हैं।
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झारखंड में बदलते राजनीतिक समीकरण और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता खत्म होने की आशंका के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा दावा किया है। भाजपा सांसद ने कहा कि राज्य में जल्द ही नेतृत्व परिवर्तन होगा। निशिकांत दुबे के ट्वीट के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। चर्चा यह भी है कि झारखंड में करीब 25 साल बाद बिहार की तरह ही राजनीति करवट लेगी। जिस तरह लालू यादव ने 1997 में जेल जाने से पहले राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था, उसी तरह हेमंत सोरेन भी अपनी पत्नी को नई मुख्यमंत्री बना सकते हैं। वैसे यह अभी सिर्फ अटकलें हैं। लेकिन जिस तरह से बैठकें हो रही हैं, उसमें कुछ बदलाव की संभावना तो बन रही है। हालांकि, हेमंत सोरेन के भाग्य का फैसला चुनाव आयोग के फैसले पर निर्भर करता है।
क्या है निशिकांत दुबे का दावा
शुक्रवार देर रात निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा कि झारखंड में भाभी के राज्याभिषेक की तैयारी चल रही है, जो गरीबों के लिए पारिवारिक पार्टी का सबसे अच्छा उदाहरण है। वहीं इस सियासी हलचल के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सीएम हाउस में यूपीए विधायकों की बैठक बुलाई गई है।
क्या झारखंड में भी बिहार की राजनीति का इस्तेमाल होगा?
मौजूदा हालात को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग अनुमान लगा रहे हैं और तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। जिसमें चर्चा यह भी है कि झारखंड में भी बिहार जैसा प्रयोग संभव है। जिस तरह से राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने 1997 में सीएम का पद छोड़ने के बाद अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया था, उसी तरह अगर सीएम हेमंत सोरेन को भी किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा तो वे कल्पना सोरेन को सीएम पद की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
झारखंड में आज महागठबंधन की बैठक
झारखंड में महागठबंधन की आज यानी शनिवार को अहम बैठक होनी है। बताया जा रहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस ने शनिवार सुबह 11 बजे जरूरी बैठक बुलाई है। इसके लिए झामुमो और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को रांची से दूर नहीं जाने को कहा है। दरअसल, कांग्रेस के तीन विधायक 48 लाख नकदी के साथ पश्चिम बंगाल में पकड़े गए थे। इसके बाद से ही कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा अलर्ट मोड में हैं। दोनों ही दल किसी भी तरह की टूट से बचने के लिए पहले से ही तैयार रहना चाहते हैं।