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झारखंड: सीएम हेमंत सोरेन को दो बड़े सरना धर्म सम्मेलनों का न्योता, नवंबर में जुटेंगे देश-विदेश के श्रद्धालु
Sat, 24 Oct 2026 08:41 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sat, 24 Oct 2026 08:41 PM IST
सार
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन और 26वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सामाजिक-सरना धर्म सम्मेलन 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
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मुख्यमंत्री सोरेन को मरांग बुरु व अंतरराष्ट्रीय सरना धर्म सम्मेलनों में निमंत्रण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड में आदिवासी संस्कृति, धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़े दो बड़े आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इन दोनों महासम्मेलनों में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। 24 अक्टूबर 2026 को संथाल समाज के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में उनसे मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आयोजनों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इनमें देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी सरना धर्मावलंबी शामिल होंगे।
कब और कहां होंगे आयोजन सम्मेलन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी 'मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन' और '26वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सामाजिक-सरना धर्म सम्मेलन 2026' में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन 4 और 5 नवंबर 2026 को मरांग बुरु, मधुबन, पीरटांड़, गिरिडीह में आयोजित होगा। वहीं, 26वां अंतरराष्ट्रीय संथाल सामाजिक-सरना धर्म सम्मेलन 22 से 24 नवंबर तक सोहराय कुनामी यानी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर टीटीपीएस ललपनिया, बोकारो में होगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए दोनों आयोजनों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
आदिवासी संस्कृति और जनजातीय एकता पर होगा मंथन
महासम्मेलनों में आदिवासी संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और रीति-रिवाजों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही जनजातीय एकता को मजबूत करने और आदिवासी पहचान व अस्तित्व के संरक्षण पर भी विचार-विमर्श होगा। आयोजकों ने मुख्यमंत्री को इन विषयों और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
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यह भी पढ़ें: झारखंड: मसलिया में 200 वर्ष पुरानी मां लख्खी पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में, सभी समुदाय मिलकर मनाते हैं उत्सव
'आदिवासी विरासत के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध'
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं और जन-आस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आदिवासी पहचान और अस्तित्व को बनाए रखने के प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
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कब और कहां होंगे आयोजन सम्मेलन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी 'मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन' और '26वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सामाजिक-सरना धर्म सम्मेलन 2026' में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन 4 और 5 नवंबर 2026 को मरांग बुरु, मधुबन, पीरटांड़, गिरिडीह में आयोजित होगा। वहीं, 26वां अंतरराष्ट्रीय संथाल सामाजिक-सरना धर्म सम्मेलन 22 से 24 नवंबर तक सोहराय कुनामी यानी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर टीटीपीएस ललपनिया, बोकारो में होगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए दोनों आयोजनों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
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आदिवासी संस्कृति और जनजातीय एकता पर होगा मंथन
महासम्मेलनों में आदिवासी संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और रीति-रिवाजों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही जनजातीय एकता को मजबूत करने और आदिवासी पहचान व अस्तित्व के संरक्षण पर भी विचार-विमर्श होगा। आयोजकों ने मुख्यमंत्री को इन विषयों और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
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'आदिवासी विरासत के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध'
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं और जन-आस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आदिवासी पहचान और अस्तित्व को बनाए रखने के प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।