{"_id":"55507a6ee0a910284afd70017ac86745","slug":"family-thrown-away-from-running-train-in-jharkhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"छेड़खानी का विरोध किया तो पूरे परिवार को चलती ट्रेन से फेंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छेड़खानी का विरोध किया तो पूरे परिवार को चलती ट्रेन से फेंका
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 07 Jan 2014 01:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड के जमशेदपुर में गोमो-चक्र धरपुर सवारी गाड़ी में छेड़खानी का विरोध करने पर युवकों ने लड़की के पूरे परिवार को ट्रेन से बाहर फेंक दिया।
विज्ञापन
फेंके जाने के बाद घायल घंटों तक रेल पटरी के किनारे पड़े रहे। बाद में स्थानीय गांव वालों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
इस ट्रेन में परिवार के तीनों सदस्य कंचन कुमार, उनके पुत्र संत कुमार और बहू कांति देवी बिलासपुर जाने के लिए चढ़े थे।
कुंआरी युवती ने बच्चे को जन्म दिया, दाई ने बेच दिया
यहां पहले से बोगी में मौजूद नशे में धुत्त युवकों ने कांति देवी से छेड़खानी शुरू कर दी। छेड़खानी का विरोध करने पर युवकों ने तीनों को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया।
विज्ञापन
तीनों गंभीर रूप से घायल अवस्था में करीब दो घंटे तक रेल पटरी के किनारे पड़े रहे। रात लगभग 12 बजे स्थानीय गांव मुंडाटांड़ के ग्रामीणों ने उन्हें देखा और अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन
पीड़ित के मुताबिक वे सोमवार को अपने बेटे व बहू के साथ गोमो पैसेंजर ट्रेन से छत्तीसगढ़ जा रहे थे। जनरल बोगी में सवार कुछ युवकों ने बहू के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर उन तीनों को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया।