मुख्यमंत्री सोरेन बोले: केंद्र में 'रावण' के सत्ता में आने के बाद मॉब लिंचिंग विरोधी कानून लाने पर मजबूर हुए
मॉब लिंचिंग विरोधी विधेयक लाने पर सवालों का सामना कर रहे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कहा कि हम यह विधेयक केंद्र में भाजपा के आने की वजह से लाने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने भाजपा को रावण जैसी पार्टी बताते हुए कहा कि इसने देश का माहौल खराब किया है।
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सोरेन ने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा से शीतकालीन सत्र में भीड़ हिंसा एवं भीड़ हत्या निवारण विधेयक 2021 पारित हुआ है। यह विधेयक असामाजिक तत्वों को कानून अपने हाथ में लेने से रोकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को देश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसा विधेयक लाना चाहिए था।
लड़कियों के विवाह की आयु बढ़ाने पर उठाया सवाल
राज्य में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन ने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र का लड़कियों की शादी की कानूनी आयु 21 वर्ष करने का फैसला राजनीतिक रूप से प्रेरित है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार मतदान करने की आयु को भी बढ़ा कर 21 साल करने पर विचार कर रही है।
'भाजपा रावण जैसी पार्टी है, देश का माहौल बिगाड़ा'
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा, 'मॉब लिंचिंग विरोधी कानून कोई हिंदू, मुस्लिम या आदिवासी कानून नहीं है क्योंकि भीड़ केवल भीड़ होती है। हम यह कानून लाने पर इसलिए मजबूर हुए क्योंकि भाजपा ने केंद्र में सत्ता हासिल करने के बाद, जो कि रावण जैसी है, ऐसा माहौल बना दिया है जिससे देश का सामाजिक ताना-बाना नष्ट हो रहा है।'
जाति आधारित जनगणना के समर्थन में उठाई आवाज
उन्होंने कहा कि भाजपा भारत को एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है। उन्हें बुद्धिजीवी माना जाता है लेकिन वह लोगों को भटका रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जाति आधारित जनगणना की मांग भी उठाई। उन्होंने दावा किया कि इससे नीति निर्माताओं को पिछड़ी जातियों के लिए योजनाओं का खाका तैयार करने में सहायता मिलेगी।