{"_id":"629e3c91b3b7fb65805ec403","slug":"caste-census-in-jharkhand-sudesh-mahto-wrote-letter-to-cm-hemant-soren","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: बिहार के बाद झारखंड में तेज हुई जातीय जनगणना की मांग, आजसू प्रमुख ने सीएम सोरेन को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: बिहार के बाद झारखंड में तेज हुई जातीय जनगणना की मांग, आजसू प्रमुख ने सीएम सोरेन को लिखा पत्र
Mon, 06 Jun 2022 11:12 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 06 Jun 2022 11:12 PM IST
सार
ये दूसरा मौका है जब पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने जातीय जनगणना की मांग करते हुए सीएम को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
हेमंत सोरेन
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के बाद अब झारखंड में भी जातिगत जनगणना कराने की मांग तेज होने लगी है। पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने झारखंड में जातीय जनगणना कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा पत्र लिखा है। पत्र लिखकर उन्होंने इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। इतना ही नहीं, राज्य के कई सामाजिक संगठनों का भी कहना है कि राज्य सरकार को इस पर विचार करने की जरूरत है।
सीएम को लिखा पत्र
पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो का कहना है कि केंद्र सरकार ने इस पर पहले ही फैसला किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा कोई जातीय जनगणना नहीं होगी। अब राज्य सरकार अपने स्तर से जातीय जनगणना कराने की सीधी पहल करनी चाहिए। उनका कहना है कि जातीय जनगणना बिहार से ज्यादा बड़ा मुद्दा झारखंड के लिए है। गौरतलब है कि ये दूसरा मौका है जब पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने जातीय जनगणना की मांग करते हुए सीएम को पत्र लिखा है।
सरकार ने दिया आश्वासन
वहीं राज्य सरकार ने उनके पत्र के बाग कहा है कि फिलहाल इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता। हालांकि सीएम ने नियमों के आधार पर इस मसले पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार में जाति आधारित जनगणना को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। जाति आधारित जनगणना को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने सर्वदलीय बैठक में जाति आधारित जनगणना कराने पर फैसला लिया था।
विज्ञापन
सीएम को लिखा पत्र
पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो का कहना है कि केंद्र सरकार ने इस पर पहले ही फैसला किया है कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा कोई जातीय जनगणना नहीं होगी। अब राज्य सरकार अपने स्तर से जातीय जनगणना कराने की सीधी पहल करनी चाहिए। उनका कहना है कि जातीय जनगणना बिहार से ज्यादा बड़ा मुद्दा झारखंड के लिए है। गौरतलब है कि ये दूसरा मौका है जब पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने जातीय जनगणना की मांग करते हुए सीएम को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
सरकार ने दिया आश्वासन
वहीं राज्य सरकार ने उनके पत्र के बाग कहा है कि फिलहाल इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता। हालांकि सीएम ने नियमों के आधार पर इस मसले पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि हाल ही में बिहार में जाति आधारित जनगणना को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। जाति आधारित जनगणना को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने सर्वदलीय बैठक में जाति आधारित जनगणना कराने पर फैसला लिया था।