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Jharkhand: पलामू में 50 दलित परिवारों को 'बेदखल' करने पर भाजपा ने किया प्रदर्शन, सत्ता को ठहराया जिम्मेदार
Tue, 13 Sep 2022 05:06 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 13 Sep 2022 05:06 PM IST
सार
मुशर समुदाय के पचास परिवारों को कथित तौर पर उनके गांव से निकाल दिया गया जहां वे पिछले चार दशकों से रह रहे थे, और उनके घरों को तोड़ दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
झारखंड के पलामू जिले के पांडु इलाके में 50 दलित परिवारों को गांव से निकालने के मामले में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा के जमशेदपुर अध्यक्ष गुंजन यादव ने आरोप लगाया है कि हेमंत सोरेन सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में आदिवासियों और दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं। मुशर समुदाय के पचास परिवारों को कथित तौर पर उनके गांव से निकाल दिया गया जहां वे पिछले चार दशकों से रह रहे थे, और उनके घरों को तोड़ दिया गया।
साजिशन उन्हें गांव से निकालने का आरोप
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हालदार ने हाल ही में मुरुमातु गांव के टोंगरी पहाड़ी का दौरा किया। जिसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने पूरे मामले को सुनियोजित साजिश बताया था। साथ ही स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध बताई थी।
यह है घटना
29 अगस्त को मुसहर जाति के 50 परिवारों को बाहर निकाले जाने के बाद इन परिवारों को प्रशासन ने एक इमारत में ठहराया हुआ है। हालांकि उन परिवारों को दूसरी किसी जगह बसाने के प्रयास का आरोप लगा था। ताकि उनकी जमीनों पर कब्जा किया जा सके। आयोग के उपाध्यक्ष हलदर ने कहा था कि उन्हें दूसरी जगह बसाने से समस्या हल नहीं होगी। यह एक समस्या ही बनेंगी।
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साजिशन उन्हें गांव से निकालने का आरोप
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हालदार ने हाल ही में मुरुमातु गांव के टोंगरी पहाड़ी का दौरा किया। जिसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने पूरे मामले को सुनियोजित साजिश बताया था। साथ ही स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध बताई थी।
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यह है घटना
29 अगस्त को मुसहर जाति के 50 परिवारों को बाहर निकाले जाने के बाद इन परिवारों को प्रशासन ने एक इमारत में ठहराया हुआ है। हालांकि उन परिवारों को दूसरी किसी जगह बसाने के प्रयास का आरोप लगा था। ताकि उनकी जमीनों पर कब्जा किया जा सके। आयोग के उपाध्यक्ष हलदर ने कहा था कि उन्हें दूसरी जगह बसाने से समस्या हल नहीं होगी। यह एक समस्या ही बनेंगी।
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