झारखंड: भाजपा सांसद जयंत सिन्हा बोले- सीएम हेमंत सोरेन को सिर्फ अपनी छवि बनाने में दिलचस्पी
पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा ने सीएम सोरेन पर अपनी उपलब्धियों को बढ़ावा देने और राज्य के सात जिलों में फैले डीवीसी के कमांड क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली कटौती की समस्या को हल करने के लिए कोई प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया।
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भाजपा सांसद जयंत सिन्हा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम को सिर्फ अपनी छवि बनाने में दिलचस्पी है, जनहित के कामों से कोई लेना-देना नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा ने सीएम सोरेन पर अपनी उपलब्धियों को बढ़ावा देने और राज्य के सात जिलों में फैले डीवीसी के कमांड क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली कटौती की समस्या को हल करने के लिए कोई प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया। सिन्हा ने कहा कि सोरेन दिसंबर 2019 में सत्ता में आने के बाद से लंबित डीवीसी के बकाया का भुगतान करके बिजली संकट को हल करने में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, हालांकि राज्य सरकार के खजाने में धन की कोई कमी नहीं है।
सिन्हा ने कहा कि उन्होंने हजारीबाग और रामगढ़ जिलों सहित डीवीसी कमांड क्षेत्र में बिजली संकट का मुद्दा संसद में उठाया था और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने आश्वासन दिया था कि समस्या के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "सोरेन को केवल अपनी उपलब्धियों को बढ़ावा देकर अपनी छवि बनाने की चिंता है। उनकी डीवीसी कमांड क्षेत्र में मौजूदा बिजली संकट को हल करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।"
उन्होंने कहा कि डीवीसी की शिकायतें वाजिब हैं क्योंकि बकाया का भुगतान न करने के कारण उसके पास अपने बिजली स्टेशनों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए कोयला खरीदने के लिए कोई फंड नहीं है। उन्होंने कहा, आरके सिंह ने सुझाव दिया था कि डीवीसी और झारखंड सरकार को संकट के समाधान के लिए एक-दूसरे के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए।
जयंत सिन्हा ने आंदोलन की दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि अगर बिजली की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो भाजपा झारखंड में आंदोलन करेगी। सिन्हा ने रांची से दिल्ली और पटना के लिए बरकाखाना, हजारीबाग और कोडरमा होते हुए फास्ट ट्रेन चलाने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि रांची से बरकाखाना के बीच रेलवे लाइन का निर्माण पूरा होने वाला है और अगले साल मार्च तक ट्रेनों का ट्रायल रन किया जाएगा। इसके बाद रांची, बरकाखाना, हजारीबाग और कोडरमा को दिल्ली से जोड़ने वाली राजधानी एक्सप्रेस सहित महत्वपूर्ण ट्रेनें सप्ताह में कम से कम एक बार शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मध्य रेलवे के हजारीबाग, बरकाखाना और कोडरमा खंड रेल सुविधाओं से वंचित हैं, जबकि यह कोयला परिवहन के माध्यम से अधिकतम राजस्व अर्जित करता है।