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बीआईटी में वॉलीबॉल खेलते समय छात्र को लगा करंट: 600 छात्रों ने कुलपति आवास घेरा; बिजली सुरक्षा पर उठे सवाल
Wed, 07 Oct 2026 05:05 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Wed, 07 Oct 2026 05:05 PM IST
सार
रांची के बीआईटी मेसरा में वॉलीबॉल खेलते समय ईसीई प्रथम वर्ष के छात्र निशांत को करंट लगने के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया। करीब 600 छात्रों ने कुलपति के आवास का घेराव कर संस्थान की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
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बीआईटी मेसरा। फाइल फोटो
- फोटो : सोसल मीडिया
विस्तार
बीआईटी मेसरा में मंगलवार देर शाम वॉलीबॉल खेलते समय इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) विभाग के प्रथम वर्ष के छात्र निशांत को करंट लगने के बाद भारी हंगामा हुआ। घटना के तुरंत बाद आक्रोशित करीब 600 छात्र बीआईटी मेसरा स्थित कुलपति इंद्रनील मन्ना के आवास के सामने पहुंच गए और घेराव कर दिया। छात्रों ने संस्थान की व्यवस्था और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देर रात तक छात्र वहां डटे रहे और वे संस्थान प्रबंधन की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठाते रहे।
डिस्पेंसरी से अस्पताल तक छात्र भर्ती
वॉलीबॉल खेलने के दौरान छात्र निशांत के करंट की चपेट में आने के बाद लोग उसे तत्काल बीआईटी मेसरा की डिस्पेंसरी ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे वापस हॉस्टल भेज दिया। हालांकि हॉस्टल पहुंचने के बाद छात्र की बेचैनी अचानक बढ़ गई। इसके बाद स्थिति को देखते हुए लोग उसे तत्काल मणिपाल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने छात्र को आईसीयू में रखा। चिकित्सकों के अनुसार छात्र की सभी जांच रिपोर्ट फिलहाल सामान्य पाई गई हैं। छात्र पूरी तरह होश में है और वह खतरे से बाहर है।
परिसर की विद्युत सुरक्षा पर सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में बड़ी संख्या में छात्र आक्रोशित हो गए। छात्रों का स्पष्ट कहना था कि परिसर के भीतर विद्युत सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम मौजूद नहीं हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण ही विद्यार्थी की जिंदगी खतरे में पड़ गई। इसके अलावा छात्रों ने हॉस्टल के गीजर में भी करंट महसूस होने की शिकायत की। छात्रों ने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो ऐसी खतरनाक घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
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ये भी पढ़ें- झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: एसीबी की प्रारंभिक जांच तीन महीने में करनी होगी पूरी, अधिकतम छह महीने की मोहलत
वीसी आवास पर देर रात हंगामा
करीब 600 छात्रों के एक साथ कुलपति आवास पहुंचने से परिसर में देर रात तक गहमागहमी बनी रही। छात्र इस घटना को लेकर प्रबंधन से लगातार जवाब मांग रहे थे। छात्रों का कहना था कि विद्यार्थी संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह आश्वस्त रहना चाहते हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने परिसर की विद्युत व्यवस्था और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई।
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डिस्पेंसरी से अस्पताल तक छात्र भर्ती
वॉलीबॉल खेलने के दौरान छात्र निशांत के करंट की चपेट में आने के बाद लोग उसे तत्काल बीआईटी मेसरा की डिस्पेंसरी ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे वापस हॉस्टल भेज दिया। हालांकि हॉस्टल पहुंचने के बाद छात्र की बेचैनी अचानक बढ़ गई। इसके बाद स्थिति को देखते हुए लोग उसे तत्काल मणिपाल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने छात्र को आईसीयू में रखा। चिकित्सकों के अनुसार छात्र की सभी जांच रिपोर्ट फिलहाल सामान्य पाई गई हैं। छात्र पूरी तरह होश में है और वह खतरे से बाहर है।
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परिसर की विद्युत सुरक्षा पर सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में बड़ी संख्या में छात्र आक्रोशित हो गए। छात्रों का स्पष्ट कहना था कि परिसर के भीतर विद्युत सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम मौजूद नहीं हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण ही विद्यार्थी की जिंदगी खतरे में पड़ गई। इसके अलावा छात्रों ने हॉस्टल के गीजर में भी करंट महसूस होने की शिकायत की। छात्रों ने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो ऐसी खतरनाक घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
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वीसी आवास पर देर रात हंगामा
करीब 600 छात्रों के एक साथ कुलपति आवास पहुंचने से परिसर में देर रात तक गहमागहमी बनी रही। छात्र इस घटना को लेकर प्रबंधन से लगातार जवाब मांग रहे थे। छात्रों का कहना था कि विद्यार्थी संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह आश्वस्त रहना चाहते हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने परिसर की विद्युत व्यवस्था और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई।