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Jharkhand: 'झारखंड-बिहार में 61 लाख यूजर्स को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाया', एयरटेल का दावा
Fri, 20 Jun 2025 07:21 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 20 Jun 2025 07:21 PM IST
सार
भारती एयरटेल ने दावा किया है कि उसके एआई-संचालित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम ने झारखंड और बिहार सर्कल में 37 दिनों में 6.1 मिलियन (61 लाख) से अधिक यूजर्स को ऑनलाइन ठगी से बचाया है।
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(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : AI
विस्तार
टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने झारखंड और बिहार में 61 लाख से ज्यादा यूजर्स को ऑनलाइन ठगी से बचाया है। यह उपलब्धि कंपनी के देशव्यापी एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम की शुरुआत के महज 37 दिनों के भीतर हासिल हुई है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि झारखंड और बिहार में ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एयरटेल ने अपने एआई-संचालित सिस्टम के माध्यम से ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
एयरटेल के अनुसार, यह उन्नत सिस्टम एसएमएस, सोशल मीडिया, ईमेल और अन्य ब्राउज़रों पर भेजे गए लिंक को स्कैन करता है और संदिग्ध लिंक को मात्र 100 मिलीसेकेंड में ब्लॉक कर देता है। सिस्टम हर दिन एक अरब से अधिक यूआरएल (URL) की जांच करता है।
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एक उदाहरण के तौर पर, यदि किसी यूजर को कोई मैसेज आता है – "आपका पैकेज डिले हो गया है, यहां ट्रैक करें:..." और वह यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, तो एयरटेल का सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है। यदि लिंक संदिग्ध पाया जाता है तो उसे ब्लॉक कर दिया जाता है और यूजर को एक चेतावनी संदेश दिखाया जाता है – "ब्लॉक कर दिया गया! एयरटेल ने इस साइट को खतरनाक पाया है!"
यह भी पढ़ें: दोबारा होगी एनटीपीसी परीक्षा, झारखंड के इन दो परीक्षा केंद्रों के लिए आरआरबी ने जारी किया नोटिस
कंपनी ने बताया कि यह सुरक्षा सेवा यूजर के मनपसंद भाषा में चेतावनी देती है, जिसमें हिंदी भी शामिल है। यह सुविधा विशेष रूप से उन जिलों में प्रभावी साबित हो रही है जहां डिजिटल साक्षरता कम है या अंग्रेजी का प्रयोग कम होता है। एयरटेल झारखंड और बिहार के सीईओ सुजय चक्रवर्ती ने कहा, "हमें विश्वास है कि हमारी यह तकनीक झारखंड और बिहार के ग्राहकों को साइबर खतरों से पूरी सुरक्षा प्रदान करेगी, जिससे वे डिजिटल दुनिया में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।" कंपनी के अनुसार, ठग अब फर्जी डिलीवरी, बैंक अलर्ट और फिशिंग लिंक के जरिए लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसे में यह सिस्टम बैकग्राउंड में बिना किसी इंस्टॉलेशन की जरूरत के काम करता है और पूरी तरह मुफ्त में उपलब्ध है।
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कंपनी ने एक बयान में कहा कि झारखंड और बिहार में ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एयरटेल ने अपने एआई-संचालित सिस्टम के माध्यम से ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
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एयरटेल के अनुसार, यह उन्नत सिस्टम एसएमएस, सोशल मीडिया, ईमेल और अन्य ब्राउज़रों पर भेजे गए लिंक को स्कैन करता है और संदिग्ध लिंक को मात्र 100 मिलीसेकेंड में ब्लॉक कर देता है। सिस्टम हर दिन एक अरब से अधिक यूआरएल (URL) की जांच करता है।
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एक उदाहरण के तौर पर, यदि किसी यूजर को कोई मैसेज आता है – "आपका पैकेज डिले हो गया है, यहां ट्रैक करें:..." और वह यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, तो एयरटेल का सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है। यदि लिंक संदिग्ध पाया जाता है तो उसे ब्लॉक कर दिया जाता है और यूजर को एक चेतावनी संदेश दिखाया जाता है – "ब्लॉक कर दिया गया! एयरटेल ने इस साइट को खतरनाक पाया है!"
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कंपनी ने बताया कि यह सुरक्षा सेवा यूजर के मनपसंद भाषा में चेतावनी देती है, जिसमें हिंदी भी शामिल है। यह सुविधा विशेष रूप से उन जिलों में प्रभावी साबित हो रही है जहां डिजिटल साक्षरता कम है या अंग्रेजी का प्रयोग कम होता है। एयरटेल झारखंड और बिहार के सीईओ सुजय चक्रवर्ती ने कहा, "हमें विश्वास है कि हमारी यह तकनीक झारखंड और बिहार के ग्राहकों को साइबर खतरों से पूरी सुरक्षा प्रदान करेगी, जिससे वे डिजिटल दुनिया में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।" कंपनी के अनुसार, ठग अब फर्जी डिलीवरी, बैंक अलर्ट और फिशिंग लिंक के जरिए लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसे में यह सिस्टम बैकग्राउंड में बिना किसी इंस्टॉलेशन की जरूरत के काम करता है और पूरी तरह मुफ्त में उपलब्ध है।