झारखंडः मारा गया 25 लाख का ईनामी नक्सली
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झारखंड में नक्सलियों से जूझ रही सीआरपीएफ और गुमला जिले की कोबरा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दोनों टीम ने 25 लाख के ईनामी शीर्ष नक्सली कमांडर को मार गिराया।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार नक्सली कमांडर सिलवेस्टर मिंज (45) जिसे शिवनंदन भगत और शक्तिजी के नाम से भी जाना जाता है। सिलवेस्टर के अलावा उसका करीबी दिलबर नायक जिसके पर दो लाख का ईनाम था को गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 73 नक्सलियों पर 8.69 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। जिसके बाद झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर 73 नक्सलियों की सूची जारी की गई थी जिसमें सिल्वेसटर का अधिकारिक नाम शिवनंदन भगत लिखा गया है।
रात को रुकने के लिए एक गांव में ली थी शरण
पुलिस प्रवक्ता एडीजी एसएन प्रधान के अनुसार बिहार झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ स्पेशल एरिया का कमेटी सचिव सिल्वेस्टर रोगाडीह-दीपटोली गांव में शुक्रवार रात आया था। रांची के डीआईजी अरुण कुमार सिंह ने गुमला में मीडिया को बताया कि जवानों की एक बहुत छोटी सी टीम इस आपरेशन में शामिल रही।
उन्होंने कहा कि नक्सलियों को यह नुकसान काफी बड़ा है। पुलिस ने सिल्वेस्टर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एके 47 रायफल, एक अन्य रायफल और तीन जिंदा बम बरामद किए। अच्छी बात ये रही की एनकाउंट में किसी भी सुरक्षाकर्मी को चोट नहीं पहुंची।
गुमला के एसपी भीमसेन तुती के अनुसार जिस समय एनकाउंटर हुआ दर्जनभर से ज्यादा नक्सली गांव में मौजूद थे। लेकिन इनमें से कई पहाड़ी इलाके का लाभ उठाते हुए भाग निकले। पुलिस ने एनकाउंटर के बाद तीन मोबाइल फोन, वायर, 21 हजार की नकदी और नक्सली साहित्य बरामद किया।
दीनबंधु नाम का इस्तेमाल करता था मारा गया कमांडर
सिल्वेस्टर लोहरडागा जिले के बासरटोली गांव का रहने वाला था। वह 20 साल पहले नक्सली संगठन में शामिल हुआ था, इस बीच उसकी कई बार पुलिस से मुठभेड़ हुई लेकिन वह हर बार भागने में सफल रहा। वह प्रेस विज्ञप्ति जारी करने के लिए दीनबंधु जी नाम का इस्तेमाल करता था।
गुमला पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि बरसात में भारी बारिश से बचने के लिए नक्सली अपने ठिकाने छोड़ देते हैं और गांवों में शरण लेते हैं। सिल्वेस्टर भी अपने साथियों के साथ शुक्रवार रात एक गांव में आया था।
पुलिस को उसके आने की सूचना मिली तो उसके ठिकाने पर हमला बोल दिया। सीआरपीएफ के झारखंड रेंज के आईजी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सुरक्षाबलों की टीम ने उसे आत्मसर्पण करने के लिए कहा था लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद मुठभेड़ में वह मारा गया।