फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   upsc result 2018: poonch jammu kashmir girl rehana qualified union public service commission exam

मैं डीसी बनकर पुंछ गई, तो खुशी होगी, पिता का सपना सच होगा, अपने लोगों के लिए कर सकूंगी काम

Sat, 06 Apr 2019 01:20 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Sat, 06 Apr 2019 01:20 AM IST
विज्ञापन
upsc result 2018: poonch jammu kashmir girl rehana qualified union public service commission exam
रेहाना - फोटो : अमर उजाला
जिन वादियों में हमेशा गोलों की गूंज सुनाई देती हो। दूर-दूर तक पहाड़ ही पहाड़ नजर आते हों। मीलों पैदल चलकर अपनी जिंदगी का सफर तय करना हो और पिता का सहारा न हो। ऐसे में किसी लड़की का आईएएस बन जाना एक मिसाल है। पहाड़ों पर रहने वाली हजारों ऐसी लड़कियां हैं, जिनके लिए रेहाना बशीर एक मिसाल बन गई है।
विज्ञापन


पुंछ जिले के मेंढर तहसील के सलवा गांव में रहने वाला रेहाना ने यूपीएससी परीक्षा 2018 में 187वां रैंक हासिल किया है। वह पुंछ जिले और पीर पंजाल क्षेत्र की पहली लड़की है, जिसने यह मुकाम हासिल किया है। अमर उजाला से रेहाना ने अपनी सफलता को लेकर विशेष बातचीत की।
विज्ञापन


आतंकवाद, पाक गोलाबारी ग्रस्त राज्य से पहली आईएएस बन कर कैसा महसूस करती हैं?
रेहाना : यह एक बड़ी सफलता है। हमारे इलाके में बहुत ही दिक्कतें हैं। हमारी स्कूलिंग तो चलो जम्मू में हुई, लेकिन हमारे पापा मेंढर में ही पले बढ़े हैं। वहां बहुत सी दिक्कतें हैं। खासकर बच्चों में अंग्रेजी को लेकर दिक्कत है। लड़कों के  लिए तो थोड़ा आसान होता है, लेकिन पहाडी इलाकों की लड़कियों के लिए यह उपलब्धि हासिल करना बहुत ही मुश्किल है। मेरी कोशिश रहेगी कि जो मैंने हासिल किया है वैसी ही सफलता हासिल करने के लिए अन्य ग्रामीण लड़कियों की मदद कर सकूं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किससे मिली प्रेरणा?
रेहाना : पिछले साल मेरे भाई ने क्वालिफाई किया था। मैंने 2016 में एमबीबीसी किया था। भाई की सफलता से मुझे भी प्रेरणा मिली। मैंने 2017 में भी यूपीएससी की परीक्षा दी थी, लेकिन तब कामयाबी नहीं मिली। इस साल फिर दी परीक्षा में कामयाब हुई हूं। मेरी मां और भाई ने मेरा बहुत साथ दिया है। उनकी बदौलत ही यह संभव हो पाया है। 


पुंछ की पहली महिला आईएएस हैं आप, क्या करना चाहेंगी अपने क्षेत्र के लिए?
रेहाना : वैसे तो सर्विस किसी विशेष क्षेत्र के लिए नहीं है। लेकिन फिर भी, अगर मुझे मौका मिला या ऐसा संभव हो पाया तो एक बार अपने जिले की डिप्टी कमिशनर बनकर जाना चाहूंगी ताकि वहां के लोगों की कुछ सेवा करने का मौका मिल सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed