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J&K: दो कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी और राष्ट्रीय बिस्मिल्लाह खान युवा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
Wed, 17 Jul 2019 03:59 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 17 Jul 2019 03:59 PM IST
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मोहम्मद सादिक भगत, सुनील पलवाल
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में बारामुला के टंगमर्ग निवासी मोहम्मद सादिक भगत को नाटक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए इस वर्ष के संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा कटड़ा निवासी सुनील पलवाल को अभिनय क्षेत्र में राष्ट्रीय बिस्मिल्लाह खान युवा संगीत नाटक अकादमी अवार्ड दिया जाएगा।
मोहम्मद सादिक भगत के नाम का चयन संगीत नाटक अकादमी अवार्ड भांड पाथेर विधा में नाटकों की प्रस्तुति के लिए मिल रहा है। भगत ने भांड पाथेर शैली में नाटकों में बतौर अभिनेता, संगीतकार और निर्देशक के रूप में काम किया है। उनका पारंपरिक सारंगी वादन भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। उन्हें कश्मीर में भांड पाथेर की परंपरा को निभाने का भी श्रेय है। भगत के नाटकों का मंचन जम्मू-कश्मीर के साथ अन्य राज्यों में भी हो चुका है। इस विधा के लिए उन्हें वन मैन थिएटर भी कहा जाता है।
उधर, रियासी जिले के कटड़ा निवासी सुनील पलवाल मौजूदा समय में मुंबई में रह रहे हैं। पलवाल ने 2002 में बतौर बाल कलाकार नटरंग स्टूडियो से अभिनय की शुरुआत की थी। जीजीएम साइंस कॉलेज से स्नातक के बाद हिमाचल कल्चरल रिसर्च फोरम एंड थिएटर अकादमी, मंडी से ड्रामा में डिप्लोमा किया। 2013 में पृथ्वी वल्लभ टीवी शो और 2014 में यह दिल रमता जोगी में अभिनय किया था। सीआईडी, शपथ, बालिका वधू, दिल जो न कह सका नाटकों में भी उनके अभिनय को सराहा गया। इनकी कामयाबी पर पद्मश्री बलवंत ठाकुर ने बधाई दी है। ।
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मोहम्मद सादिक भगत के नाम का चयन संगीत नाटक अकादमी अवार्ड भांड पाथेर विधा में नाटकों की प्रस्तुति के लिए मिल रहा है। भगत ने भांड पाथेर शैली में नाटकों में बतौर अभिनेता, संगीतकार और निर्देशक के रूप में काम किया है। उनका पारंपरिक सारंगी वादन भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। उन्हें कश्मीर में भांड पाथेर की परंपरा को निभाने का भी श्रेय है। भगत के नाटकों का मंचन जम्मू-कश्मीर के साथ अन्य राज्यों में भी हो चुका है। इस विधा के लिए उन्हें वन मैन थिएटर भी कहा जाता है।
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उधर, रियासी जिले के कटड़ा निवासी सुनील पलवाल मौजूदा समय में मुंबई में रह रहे हैं। पलवाल ने 2002 में बतौर बाल कलाकार नटरंग स्टूडियो से अभिनय की शुरुआत की थी। जीजीएम साइंस कॉलेज से स्नातक के बाद हिमाचल कल्चरल रिसर्च फोरम एंड थिएटर अकादमी, मंडी से ड्रामा में डिप्लोमा किया। 2013 में पृथ्वी वल्लभ टीवी शो और 2014 में यह दिल रमता जोगी में अभिनय किया था। सीआईडी, शपथ, बालिका वधू, दिल जो न कह सका नाटकों में भी उनके अभिनय को सराहा गया। इनकी कामयाबी पर पद्मश्री बलवंत ठाकुर ने बधाई दी है। ।
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