{"_id":"57b9fc054f1c1b270ed4f102","slug":"the-tanker-driver-will-not-go-kashmir-without-safety-guarantee","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना सुरक्षा की गारंटी के कश्मीर नहीं जाएंगे टैंकर चालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना सुरक्षा की गारंटी के कश्मीर नहीं जाएंगे टैंकर चालक
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
टैंकर चालकों की हड़ताल
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरवाल में रविवार को आल जेएंडके ऑयल टैंकर चालक कंडक्टर यूनियन के बैनर तले चालकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
सरकार को यह भी चेतावनी दी गई है कि उनकी मांगें पूरी होने पर ही हड़ताल को खत्म किया जाएगा। चालकों ने साफ कर दिया है कि उनको जब तक लिखित में नहीं दिया जाएगा कि सुरक्षा दी जाएगी, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।
रविवार को शाम ऑयल टैंकर चालकों, सेना के अधिकारियों, डिपो प्रबंधन, आईजी और डिवकाम जम्मू के बीच बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन चालकों के टैंकर टूटे हैं, उनकी आरसी दिखाकर और अन्य दस्तावेज दिखाकर मुआवजा ले सकते हैं। प्रशासन वाहनों की मरम्मत कराएंगे।
इससे पहले नरवाल में चानकों में सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। टैंकर यूनियन के प्रधान खैरुदीन वानी ने कहा कि एक महीने से चालक बर्दाश्त कर रहे हैं। रोजाना टैंकरों के शीशे तोड़े जा रहे हैं, चालकों को पीटा जा रहा है।
विज्ञापन
वहीं यूनियन के महासचिव सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पहले ही दिन चालकों की पिटाई शुरू कर दी गई थी। सरकार के कहने पर चालकों ने सप्लाई बहाल रखी, लेकिन बिना सुरक्षा के अब कहीं नहीं जाएंगे। हालांकि प्रशासन ने चालकों को आश्वस्त किया है कि बनिहाल के आगे सुरक्षाबलों के साथ टैंकर जाएंगे।
विज्ञापन
सरकार को यह भी चेतावनी दी गई है कि उनकी मांगें पूरी होने पर ही हड़ताल को खत्म किया जाएगा। चालकों ने साफ कर दिया है कि उनको जब तक लिखित में नहीं दिया जाएगा कि सुरक्षा दी जाएगी, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।
रविवार को शाम ऑयल टैंकर चालकों, सेना के अधिकारियों, डिपो प्रबंधन, आईजी और डिवकाम जम्मू के बीच बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन चालकों के टैंकर टूटे हैं, उनकी आरसी दिखाकर और अन्य दस्तावेज दिखाकर मुआवजा ले सकते हैं। प्रशासन वाहनों की मरम्मत कराएंगे।
विज्ञापन
इससे पहले नरवाल में चानकों में सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। टैंकर यूनियन के प्रधान खैरुदीन वानी ने कहा कि एक महीने से चालक बर्दाश्त कर रहे हैं। रोजाना टैंकरों के शीशे तोड़े जा रहे हैं, चालकों को पीटा जा रहा है।
विज्ञापन
वहीं यूनियन के महासचिव सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पहले ही दिन चालकों की पिटाई शुरू कर दी गई थी। सरकार के कहने पर चालकों ने सप्लाई बहाल रखी, लेकिन बिना सुरक्षा के अब कहीं नहीं जाएंगे। हालांकि प्रशासन ने चालकों को आश्वस्त किया है कि बनिहाल के आगे सुरक्षाबलों के साथ टैंकर जाएंगे।