जम्मू-कश्मीरः किताबों को नया रूप देने वाले सुरेश ने प्रशासनिक सेवा परीक्षा में पाई 10वीं रैंक
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जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बुक-बाइंडर(किताबों की जिल्दसाजी करने वाले) सुरेश सिंह ने कश्मीर प्रशासनिक सेवा परीक्षा में 10 वीं रैंक प्राप्त की है। इस सफलता को लेकर सुरेश ने कहा कि यह लंबी प्रक्रिया थी लेकिन मैं लगातार प्रयास करता रहा। उन्होंने अपने पिता को अपना प्रेरणास्रोत बताया। सुरेश सिंह ने कहा कि यह उनका ही सपना था कि मुझे अच्छी नौकरी मिले। इसलिए मैंने उनके सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात पढ़ाई की।
वहीं, राजोरी जिले के धनौर गांव की रहने वाली इरमीम शमीम पहले ही प्रयास में एम्स एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा पास की। इरमीम शमीम गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की प्रवेश परीक्षा पास कर अपनी मंजिल पाई है।J&K: Suresh Singh,a book-binder in Udhampur,qualifies for Kashmir Administrative Service&secures rank 10;says,“It was long process,but I remained consistent. My father has been a great inspiration for me. It was his dream that I find a good job. So, I studied to fulfil his dream" pic.twitter.com/VLlCWWVKPg
— ANI (@ANI) August 26, 2019विज्ञापन
बता दें कि इरमीम अपने सपनों को साकार करने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर का सफर तय करना होता था। बताया जाता है कि यह दूरी इरमीम पैदल ही तय करती थीं। इसकी वजह थी कि उनके गांव के पास कोई अच्छा स्कूल नहीं था। इरमीम कहती हैं कि सभी के जीवन में कुछ न कुछ समस्या होती है, लेकिन चुनौतियों से लड़ने पर ही सफलता आपके पास आएगी।