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वैष्णो देवी: डीएमआरसी ने यात्रियों के सुरक्षा इंतजामों पर जताया संतोष
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 23 Aug 2016 10:52 PM IST
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वैष्णो देवी
- फोटो : File Photo
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दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) की टीम ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के ढांचागत प्रोजेक्टों के सेफ्टी आडिट में यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत के लिए किए गए इंतजामों पर संतोष जताया है।
बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा के अनुरोध पर अतिरिक्त जनरल मैनेजर (सेफ्टी) देवेंद्र गिल के नेतृत्व में डीएमआरसी टीम ने बोर्ड के बड़े ढांचागत प्रोजेक्ट स्लोप स्टेबिलेशन प्रोजेक्ट और दो रोपवे प्रोजेक्ट का आडिट किया।
कुछ समय पहले तेज बारिश के दौरान नए ट्रैक पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने से पांच यात्रियों की मौत और अन्य आठ घायलों की घटना के बाद बोर्ड ने डीएमआरसी से अनुरोध किया था।
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बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा के अनुरोध पर अतिरिक्त जनरल मैनेजर (सेफ्टी) देवेंद्र गिल के नेतृत्व में डीएमआरसी टीम ने बोर्ड के बड़े ढांचागत प्रोजेक्ट स्लोप स्टेबिलेशन प्रोजेक्ट और दो रोपवे प्रोजेक्ट का आडिट किया।
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कुछ समय पहले तेज बारिश के दौरान नए ट्रैक पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने से पांच यात्रियों की मौत और अन्य आठ घायलों की घटना के बाद बोर्ड ने डीएमआरसी से अनुरोध किया था।
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यात्रा मार्ग को शेल्टर शेड से किया जा रहा कवर
यात्रा मार्ग
- फोटो : Amar Ujala
बोर्ड के सीईओ अजीत कुमार साहू ने विस्तृत में बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
कटड़ा से भवन तक 21 किलोमीटर लंबे ट्रैक को शेल्टर शेड से कवर किया जा रहा है, इसमें 15 किलोमीटर पर काम पूरा कर लिया गया है। शेड पर उच्च गुणवत्तीय सीजीआई शीट का प्रयोग किया जा रहा है। बोर्ड के अनुरोध पर एम/एस टीएचडीसीआईएल ने शेल्टर शेड के वर्जन में बदलाव करते हुए 30-40 भार झेलने वाले शेड को स्थापित किया है।
पत्थरों और चट्टानें गिरने वाले संभावित स्थानों पर आठ फीट लंबी फेंसिंग की गई है। नए 7.4 ताराकोट-अर्द्धकुंवारी ट्रैक पर भी शेल्टर शेड डालने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य विकास कार्यों पर काम किया जा रहा है।
कटड़ा से भवन तक 21 किलोमीटर लंबे ट्रैक को शेल्टर शेड से कवर किया जा रहा है, इसमें 15 किलोमीटर पर काम पूरा कर लिया गया है। शेड पर उच्च गुणवत्तीय सीजीआई शीट का प्रयोग किया जा रहा है। बोर्ड के अनुरोध पर एम/एस टीएचडीसीआईएल ने शेल्टर शेड के वर्जन में बदलाव करते हुए 30-40 भार झेलने वाले शेड को स्थापित किया है।
पत्थरों और चट्टानें गिरने वाले संभावित स्थानों पर आठ फीट लंबी फेंसिंग की गई है। नए 7.4 ताराकोट-अर्द्धकुंवारी ट्रैक पर भी शेल्टर शेड डालने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य विकास कार्यों पर काम किया जा रहा है।