{"_id":"5767be614f1c1b0469b47e8f","slug":"police-did-not-have-medical-tests-of-temple-accused","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले का छठे दिन भी नहीं करवाया गया मेडिकल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले का छठे दिन भी नहीं करवाया गया मेडिकल
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 20 Jun 2016 03:29 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपशंभु मंदिर विवाद के छठे दिन भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। मंदिर में तोड़फोड़ करने वाला मुख्य आरोपी मानसिक रोगी है या नहीं, इस पर भी अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बेशक प्रशासन की ओर से आरोपी की मानसिक जांच करने को मेडिकल बोर्ड का गठन करने की बात कही गई हो, लेकिन अभी तक ऐसा कोई बोर्ड नहीं बनाया गया है, जो आरोपी की जांच करे। इस तरह के मामलों की जांच का पहले से ही बोर्ड बना रहता है। सिर्फ बोर्ड के चेयरमैन के पास जांच कराने की सिफारिश जाती है।
विज्ञापन
अभी तक मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल के पास जांच कराने का कोई आदेश नहीं गया। पुलिस भी आरोपी को मानसिक रोगी नहीं मान रही। ऐसे में इस बात से अभी तक पर्दा नहीं उठ रहा कि आरोपी मानसिक रोगी है या नहीं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने भी बैठक में आरोपी की मानसिक संतुलन की जांच के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
जब आरोपी के पास मोबाइल ही नहीं था तो तो काल डिटेल की जांच कैसे?
पुलिस और प्रशासन ने आपशंभु मंदिर विवाद के आरोपी की काल डिटेल की जांच करने की बात कही है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि आरोपी के पास मोबाइल फोन ही नहीं था। खासतौर पर घटना के वक्त उसके पास से मोबाइल फोन नहीं मिला था। ऐसे में काल डिटेल को लेकर की जाने वाली जांच किस आधार पर होगी, यह समझ से परे है।
विज्ञापन
आरोपी के भाई की काल डिटेल की जांच होगी
एसएसपी सुनील गुप्ता ने माना है कि आरोपी के पास मोबाइल फोन नहीं है। पुलिस आरोपी के भाई के मोबाइल फोन की काल डिटेल की जांच करेगी। हालांकि अभी छह दिन के बाद भी पुलिस के हाथ कोई पुख्ता जानकारी मामले की नहीं लगी है।
सेफ हाउस में मंदिर के आरोपी
दोनों मंदिर विवाद के आरोपियों को पुलिस ने सेफ हाउस में रखा है। ताकि जांच में कोई दिक्कत पेश न आए। दरअसल, दोनों ही मामलों में किसी विशेष समुदाय के साथ यह मामले जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन दोनों आरोपियों को किसी आम जगह रखकर पूछताछ करने पर खतरा हो सकता है। इसलिए दोनों को सेफहाउस में रखा गया है, ताकि सुरक्षित रहें।