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कश्मीर घाटी में बंद हो पेलेट गन का इस्तेमाल: हाईकोर्ट

Sat, 23 Jul 2016 09:24 PM IST
एजेंसी/जम्मू
एजेंसी/जम्मू Updated Sat, 23 Jul 2016 09:24 PM IST
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Ordered to stop using the palette gun
अदालत - फोटो : Demo Pic.
जम्मू-कश्मीर की हाईकोर्ट ने कहा है कि रियासत सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ पर पेलेट गन का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। हाईकोर्ट ने इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लोकसभा में दिए बयान को आधार बनाया।
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राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा था कि पेलेट गन का विकल्प तलाशने के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित की जाएगी। कश्मीर के हालात से निपटने और हालात को सामान्य बनाने के लिए कोर्ट ने सरकार को कुछ अच्छे और सूझबूझ वाले लोगों से सुझाव लेने की भी सलाह दी।
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शनिवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एन पाल वसंथाकुमार और जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतर की खंडपीठ ने पेलेट गन के इस्तेमाल को बंद करने संबंधी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री के बयान से भी यह स्पष्ट है कि पेलेट गन गैर घातक हथियार नहीं है।
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जेएंडके बैंक को एटीएम और शाखाएं खुली रखने के न‌िर्देश

Ordered to stop using the palette gun
घाटी में ह‌िंसा - फोटो : PTI
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि एक पांच साल का बच्चा भी पेलेट गन से घायल हुआ है और उसकी आंख में छर्रे लगे हैं। कोर्ट ने कहा कि किसी भी आधार पर यह साबित नहीं किया जा सकता कि एक पांच साल का बच्चा पत्थरबाजी कर रहा था।

कोर्ट की डिवीजन बेंच की ओर से स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर और मेडिकल कालेज श्रीनगर के प्रिंसिपल को सभी घायलों के उपचार की उचित व्यवस्था करने और आवश्यक होने पर घायलों को रियासत से बाहर भेजने के प्रबंध करने के भी निर्देश दिए। 

कोर्ट ने प्रशासन और सरकार को शांत इलाकों में कर्फ्यू में ढील देने, लोगों को खाद्य पदार्थों की सप्लाई सुनिश्चित करने और कश्मीर में दवाई की दुकानों को खुलवाने के लिए उचित प्रबंध करने के भी निर्देश
जारी किए। कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर दवाइयां बेचने वालों को सुरक्षा भी प्रदान की जाए। कहा कि किसी को भी दवाई के बिना नहीं रखा जा सकता।

इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार को स्वयं सेवी संगठनों के काम में दखल नहीं देने को भी कहा। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कश्मीर इन दिनों बहुत बुरे हालात से गुजर रहा है। ऐसे में जो संगठन लोगों की मदद करने में जुटे हैं, उन्हें दवाइयां बांट रहे हैं उनकी सराहना की जानी चाहिए न कि उन्हें रोकने की कोशिश करनी चाहिए।

हाईकोर्ट की बेंच ने जेएंडके बैंक को भी एटीएम और बैंक शाखाएं खुली रखने और एटीएम में रुपयों की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए ताकि लोगों को मुश्किलों का  सामना न करना पड़े। कोर्ट ने बैंक प्रबंधन से कहा कि आपकी अपनी सुरक्षा है और अगर आवश्यक हो तो आप पुलिस से भी सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं। 

कोर्ट ने स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर और श्रीनगर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल से कहा कि अगर किसी की आंखों की रोशनी चली जाती है तो इसका अर्थ है कि उसकी पूरी दुनिया लुट जाती है। समाचार पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि खबरों के मुताबिक करीब 140 लोगों की आंखों के आपरेशन होने हैं। पर कहा जा रहा है कि अस्पतालों में एक सप्ताह में महज 28 से 30 आपरेशन करने की ही व्यवस्था है।

ऐसे में 140 लोगों के आपरेशन करने में एक महीने से अधिक समय लग जाएगा। जबकि आंख में चोट लगने के तीन सप्ताह में आपरेशन नहीं होने पर रोशनी चली जाती है। कोट्र ने निर्देश दिए कि उपकरणों एवं संसाधनों की कमी की बात नहीं मानी जाएगी और सभी घायलों का समय रहते उपचार करना होगा।  डिवीजन बेंच ने इस मामले में अभियोजन पक्ष को 26 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने के निर्देश दिए। 
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