विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर में सपना साकार करने चंदा जुटाने पर मजबूर हुई पर्वतारोही

अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Updated Mon, 18 Mar 2019 01:43 AM IST
नाहीदा मंजूर
नाहीदा मंजूर - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें

खास बातें

  • 2017 से मैंने पर्वतारोहण को प्रोफेशनल तरीके से अपनाया: नाहीदा  
  • पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती, जम्मू कश्मीर बैंक से भी मांगी थी मदद
विश्व की सबसे ऊंची पर्वत माउंट एवरेस्ट को फतेह करने की चाह ने कश्मीर की बेटी नाहीदा मंजूर को ऑनलाइन चंदा जुटाने पर मजबूर कर दिया। नाहीदा के अनुसार सरकार की ओर से कोई मदद का आश्वासन नहीं मिला। कुछ प्राइवेट कंपनियां हैं जो आगे आ रही हैं। उम्मीद है कि मैं अपना सपना पूरा कर पाऊंगी। 
विज्ञापन
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र जेवन के एक मध्यम वर्गीय परिवार की तीन बेटियों में से मंझली बेटी नाहीदा मंजूर (23) दिल में माउंट एवरेस्ट को फतह करने का सपना सजोय बैठी है। उसे सिर्फ उस पल का इंतजार है जब वो माउंट एवरेस्ट पर झंडा फहराएगी। नाहीदा ने बताया कि मैं 10 साल की उम्र से ही ट्रेकिंग करती आई हूं, लेकिन 2017 से मैंने पर्वतारोहण को प्रोफेशनल तरीके से अपनाया। उसने बताया कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, जम्मू कश्मीर बैंक के पास भी गई थी, लेकिन मुझे अपने सपने को पूरा करने के लिए किसी से मदद नहीं मिली। इसलिए मैंने ऑनलाइन चंदा जुटाने की ठानी। 

नाहीदा के अनुसार मेरे इस कदम के उठाने के बाद टीसीआई नामक की एक प्राइवेट कंपनी ने 7.5 लाख स्पांसर करने का आश्वासन दिया है। एक और कंपनी ने मदद की इच्छा जताई है, लेकिन मेरा सपना पूरा होने के लिए करीब 30 लाख रुपये का खर्च है। उम्मीद है कि पैसा जमा हो पाए और एक अप्रैल को काठमांडू से शुरू होने वाले समिट का वो हिस्सा बन पाए। उसने बताया कि अगर वो उस ग्रुप का हिस्सा बन पाती है तो वो कुछ ऐसे भारतीय लोगों में से एक होगी जो नेपाल के दक्षिणी साइड से समिट पर जाएगी, जिसमें करीब 50 दिन का समय लगेगा।          

उसने बताया कि फ़िटनेस बनाए रखने के लिए मेरा रोजाना वर्कआउट होता है। मैं सुबह 6 किलोमीटर दौड़ती हूं। वो चाहती है कि पूरा कश्मीर मुझे सपोर्ट करे, क्योंकि मैं कश्मीर की पहली ऐसी लड़की हूं जो माउंटेनियरिंग में आगे बढ़ रही हूं। नाहीदा की बड़ी बहन रोमाना के अनुसार बाकी कई खेल हैं जिनमें लड़कियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन माउंटेनियरिंग में यह कश्मीर की पहली ऐसी लड़की है जो कुछ बड़ा करने जा रही है। मां रजिया अंजुम ने बताया कि मैंने पूरा ध्यान अपने बच्चों पर दिया और हर समय उन्हें सहयोग देती रही। समाज में लोगों ने कई बातें कीं।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Shimla

14 लाख का सालाना पैकेज छोड़ा, अब बने तहसीलदार, जानिए कैसे पाई सफलता

हर इंसान की जिंदगी में एक समय आता है जो जिंदगी ही बदल देता है। पैसा ही सब कुछ नहीं समाज सेवा भी जिंदगी का एक अहम हिस्सा है।

24 मार्च 2019

विज्ञापन

यूपी के युवाओं को सुन लो नेताजी, बिगाड़ देंगे आपका गणित

अमर उजाला महासंग्राम 2019 लोकसभा चुनाव का ग्राउंड जीरो पर हाल जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने उत्तर प्रदेश कई जिलों के प्रथम मतदाता से बातचीत की। बातचीत में युवाओं ने कई मुद्दों के बारे में चर्चा की।

25 मार्च 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election