पत्थर खाएं पर गोली न चलाएं : महबूबा मुफ्ती
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उनका एनकाउंटर करने के बजाय पुनर्वास अहमियत रखता है। पुलिस शहीदी दिवस पर श्रीनगर से सटे जेवान क्षेत्र में आर्म्ड पुलिस कांप्लेक्स परिसर में पुलिस अफसरों और जवानों से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा कि भटके युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ना हमारा मकसद होना चाहिए।
घाटी के हालात और भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा कि शांति प्रयासों में पाकिस्तान को साथ देना चाहिए। किसी भी मसले पर बातचीत का माहौल पत्थरबाजी या फिर किसी दूसरे हिंसक तरीके से बनाना मुमकिन नहीं है।
मोदी चाहते हैं वाजपेयी की नीति से आगे बढ़ना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नीति से आगे बढ़ना चाहते हैं। पर पाकिस्तान को घुसपैठ और आतंकी घटनाओं पर अंकुश लगाना होगा।उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल आज हालात सामान्य कर दें तो वे कल ही प्रधानमंत्री के पास सभी से बातचीत करने का प्रस्ताव लेकर चली जाएंगी।
लेकिन, जब तक हालात ही सामान्य नहीं हैं तो सारा ध्यान कायदा कानून की समस्या से निपटने पर जाना लाजमी है। महबूबा ने कहा जो युवा बंदूक उठा चुके हैं या फिर घर से लापता होकर आतंकी संगठनों में शामिल होना चाह रहे हैं, उन्हें किसी न किसी तरीके से मुख्यधारा में वापस लाना होगा।
'अफस्पा को हटाना मुमकिन नहीं'
सुरक्षा बलों को संयम बरतने पर जोर देकर महबूबा ने कहा अब तक जितनी गोलियां चलनी थीं, चलाई जा चुकी हैं। आगे से सुरक्षा बल पत्थरबाजी में भी अपने संयम का प्रदर्शन करें, क्योंकि ये हालात स्थायी नहीं हैं।