जम्मू-कश्मीर के अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर, कार्यालयों में ताले लगाकर सड़क पर उतरे
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जम्मू और कश्मीर कैजुअल लेवर फ्रंट की ओर से सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी गई है। इस दौरान प्रदेश भर में प्रदर्शन किए गए। चीफ इंजीनियर कार्यालय, प्रेस क्लब और विभागों के कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों ने एकत्रित होकर मांगों को हल करने के लिए आवाज बुलंद की।
इतना ही नहीं कर्मचारियों के परिवारों और बच्चों ने भी प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से मांगों को अनसुना किया जा रहा है। सेवाएं देने पर कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। लोगों को पैसे-पैसे के लिए मोहताज होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मानदेय जल्द जारी किया जाए। नई भर्ती में कर्मचारियों का कोटा निर्धारित किया जाए और लाभ दिया जाए। मजदूरों को न्यूनतम वेतनमान का लाभ दिया जाए। जब भी उच्च अधिकारियों से इन मुद्दों पर बात होती है तो टाल दिया जाता है। मौजूदा समय में छह हजार रुपये में घर का खर्चा चलाना ही मुश्किल हो गया है। छह साल से कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिल पाया है।
60 हजार से ज्यादा कर्मचारी
प्रदेश भर से साठ हजार से ज्यादा कैजुअल कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। ये तमाम कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहे हैं मगर उनकी मांगों केे हल नहीं किया जा रहा है। इससे इनमें आक्रोश है।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
- कर्मचारियों को नियमित किया जाए
- कर्मचारियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया में कोटा निर्धारित किया जाए
- सामान वेतन सामान कार्य का किया जाए
- लंबित वेतनमान का भुगतान जल्द किया जाए
प्रदर्शन में पीएचई, पीडीडी, फ्लोरीकल्चर, उद्यान विभाग, पशु पालन विभाग, सेरीकल्चर, वन, पर्यटन, स्वास्थ्य विभाग, कृसि विभाग समेत बीस विभागों से कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
श्रीनगर में आंदोलन हुआ उग्र, जड़े ताले
कश्मीर घाटी के श्रीनगर में इरीगेशन, पीएचई और आरएंडबी विभाग के मुख्य दरबाजों पर ताले जड़ दिए गए। इसके बाद कर्मचारियों ने नारेबाजी शुरू की। पुलिस बीच बचाव में आई और कर्मचारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने कार्यालय के बाहर से ताले खोले।
नार्थ और साउथ जम्मू में नहीं आया पानी
जम्मू शहर नार्थ और साउथ में पेयजल संकट गहरा गया। अस्थाई ही पानी छोड़ने का काम करते थे। हड़ताल पर जाने के कारण पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा। इस कारण लोगों को प्यास बुझाने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। नियमित कर्मचारी ड्यूटी पर आए मगर उनसे भी काम नहीं चला। मुख्य टैंकों से पानी छोड़ा गया मगर लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाया। इस कारण लोगों ने पानी न आने के कारण शिकायतें भी कीं। इसके अलावा पूरे प्रदेशभर में पेयजल संकट गहरा गया।
बिजली की समस्या से भी लोग रहे परेशान
जम्मू शहर में बिजली की आंचामिचौली का भी समाधान नहीं हो पाया। शहर के मुटठी, सरवाल, नरवाल, भटिंडी, सुजवां, ओल्ड सिटी समेत अन्य जगहों में बिजली की समस्या पेश आई। शिकायत करने के बाद भी घंटाें बाद समाधान नहीं हो पाया। कर्मचारी ज्यादा संख्या में हड़ताल पर थे। इस कारण टांसफार्मरों को बदलने का काम भी पूरा नहीं हो पाया।
कृषि, बागवानी, सिंचाई के काम प्रभावित
प्रदेश में कर्मचारी हड़ताल पर जाने के कारण सिंचाई का काम भी ठप रहा। खेतों तक पानी नहीं पहुंचा। उद्यानों में सिंचाई नहीं हो पाई। इसके अलावा बागवानी काम भी प्रभावित हुए।
आज डिवकाम कार्यालय के बाहर होगा प्रदर्शन
कर्मचारी मांगों के हल के लिए डिवकाम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद विभागों के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन होगा और नारेबाजी की जाएगी। अलग-अलग जगहों में पदाधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करेंगे। मंगलवार को भी कामकाज पूरी तरह से ठप रखा जाएगा। इस कारण शहर में पेयजल और बिजली की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।