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जम्मू-कश्मीरः खेल जगत में प्रतिभा बिखेर रहीं प्रदेश की छोरियां, पढ़िए इन बेटियों की जुबानी

Mon, 25 Nov 2019 05:42 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 25 Nov 2019 05:42 PM IST
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jammu kashmir girls are spreading talent in the sports world
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

खेलों की दुनिया में प्रदेश लड़कियां भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। कम संसाधन व मौके मिलने के बाद भी प्रदेश की लड़कियां हर खेल में अपनी मेहनत और कौशल के दम पर पदक जीत रही हैं। रिदमिक जिम्नास्टिक में जम्मू के बख्शी निवासी 16 वर्ष की बवलीन कौर का प्रदर्शन उनकी प्रतिभा को बयां करता है। बवलीन ने हाल ही में आगरा में हुई स्कूल गेम्स प्रतियोगिता में रिदमिक जिम्नास्टिक में पांच स्वर्ण पदक जीते थे। इससे पहले खेलो इंडिया के दूसरे ऑडिशन में तीन गोल्ड और तीन सिल्वर पदक जीते थे।

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जनवरी में होने वाले खेलो इंडिया गेम्स के लिए उनका चयन भी हुआ है। बवलीन ने कहा जम्मू-कश्मीर में खेल ढांचे की कमी है, लेकिन कुछ समय से इसमें बदलाव हुआ है। अब कोच भी अच्छे मिलते हैं, जो अच्छे से प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने कहा कि एमए स्टेडियम के इंडोर हाल में जिम्नास्टिक और बैडमिंटन का कामन हॉल है। इसमें खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं। अगर जिम्नास्टिक के लिए अलग हाल होता तो अच्छे से प्रशिक्षण कर सकते थे। स्पोर्ट्स कोटे में नौकरी मिलने से खिलाड़ियों में भविष्य को लेकर एक उम्मीद जगती है।

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किसी से छुपी नहीं है महिला पर्वतारोही शिवानी चढ़क की प्रतिभा

महिला पर्वतारोही प्रदेश की शिवानी चढ़क की प्रतिभा किसी से छुपी नहीं है। 18 वर्ष की शिवानी ने अपने करियर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नाम कमाया है। शिवानी ने कहा कि उन्होंने छह सुपर नेशनल खेले, जबकि पिछले कुछ वर्ष में उन्होंने ओपन नेशनल में भी भाग लिया है। वर्तमान में शिवानी एशियन यूथ चैंपियनशिप के लिए बंगलुरू में हैं। इसमें शिवानी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाले ओलांपिक्स क्वालीफायर इवेंट के लिए तैयारी करनी है, लेकिन जम्मू में प्रशिक्षण की सुविधा नहीं होने से घर के बाहर ही रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटे में नौकरी मिलनी चाहिए जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा।

 

बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है प्रदर्शन को अच्छा बनाए रखना

पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में अपनी प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन करने वाली सुविधा सरन ने रोलबॉल में अपने छोटे से करियर में प्रदेश की टीम का कप्तान बनने के साथ चार राष्ट्रीय और दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खेली हैं। हाल ही संपन्न हुए रोलबॉल वर्ल्डकप में राष्ट्रीय टीम ने सिल्वर पदक जीता। बीटेक इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की छात्रा सुविधा ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल में अपने प्रदर्शन को अच्छा बनाए रखना बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है।

मैं 17 वर्ष से स्केटिंग खेल रही थी, इसके साथ मैंने रोलर हॉकी में भी दो राष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलीं। पिछले ढाई वर्ष से रोलबॉल खेली रही हूं। उन्होंने कहा कि जम्मू में स्पोर्ट्स ढांचे में कमी तो है। एमए स्टेडियम में एक कॉमन रिंग है, जिसमें रोल स्केटिंग के साथ रोल बॉल खेला जाता है। अगर अलग-अलग रिंग होते तो और अच्छी तरह प्रैक्टिस कर सकते, जिससे हमारा खेल में सुधार होता।

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