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वीर शहीदों को सम्मान देने में जम्मू-कश्मीर सरकार पिछड़ी
राजेश विद्यार्थी, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 23 Sep 2016 01:42 PM IST
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शहीद के शव ले जाते जवान
- फोटो : Amar Ujala
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आतंकवादग्रस्त जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के पुनर्वास पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। विशेष नीति भी तैयार की। आतंकी बनने सीमा पार गए लोगों की घर वापसी के लिए विशेष पैकेज दे रही है। दूसरी ओर आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो रहे जवानों को सम्मान देने में रियासत पिछड़ी है।
सम्मान पत्र पर दी जाने वाली सम्मान राशि के मामले में रियासत देश के अन्य राज्यों से काफी पीछे है। रियासत में आतंकवाद से जूझते हुए देश के कई जवान शहीद हुए। इसमें जम्मू-कश्मीर के जवान भी शामिल हैं। ऐसे जवान भी हैं, जिन्हें कई प्रशस्तिपत्र और सम्मान पत्र दिए गए।
रक्षा मंत्रालय में सेना हेडक्वार्टर के वेलफेयर निदेशालय अध्यादेश के अनुसार सभी राज्यों से दी जाने वाली सम्मान राशि का ब्योरा दिया गया है। इसमें गैलेंटरी एवं उत्कृष्ट सेवा मेडल पर सम्मान राशि को दर्शाया गया है। केंद्र सरकार और राज्यों की तरफ से अलग-अलग वित्तीय सहयोग दिया जाता है। राज्यों द्वारा दी जाने वाली सम्मान राशि में भी काफी भिन्नता है। सबसे कम राशि जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा दी जा रही है। सबसे अधिक राशि हरियाणा सरकार दे रही है।
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सम्मान पत्र पर दी जाने वाली सम्मान राशि के मामले में रियासत देश के अन्य राज्यों से काफी पीछे है। रियासत में आतंकवाद से जूझते हुए देश के कई जवान शहीद हुए। इसमें जम्मू-कश्मीर के जवान भी शामिल हैं। ऐसे जवान भी हैं, जिन्हें कई प्रशस्तिपत्र और सम्मान पत्र दिए गए।
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रक्षा मंत्रालय में सेना हेडक्वार्टर के वेलफेयर निदेशालय अध्यादेश के अनुसार सभी राज्यों से दी जाने वाली सम्मान राशि का ब्योरा दिया गया है। इसमें गैलेंटरी एवं उत्कृष्ट सेवा मेडल पर सम्मान राशि को दर्शाया गया है। केंद्र सरकार और राज्यों की तरफ से अलग-अलग वित्तीय सहयोग दिया जाता है। राज्यों द्वारा दी जाने वाली सम्मान राशि में भी काफी भिन्नता है। सबसे कम राशि जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा दी जा रही है। सबसे अधिक राशि हरियाणा सरकार दे रही है।
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परमवीर चक्र को मिलते हैं महज 22500 रुपये
उड़ी हमले में शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
- फोटो : Amar Ujala
सेना में बहादुरी के कारनामे करने वाले जवानों और अधिकारियों को परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीरता पुरस्कार, उत्कृष्ट सेवा मेडल, अतिविशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल आदि सम्मान दिए जाते हैं। इन मेडल पर अलग-अलग सम्मान राशि तय है। यह राशि शहीद होने पर राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली राशि के अलावा प्रावधानों के तहत दी जाती है।
परमवीर चक्र के लिए असम और मिजोरम जैसे राज्य भी 25 लाख और 15 लाख रुपये दे रहे हैं, जबकि जम्मू कश्मीर सरकार मात्र 22,500 रुपये ही दे रही है। यह राशि नकद दी जाती है। महावीर चक्र पाने वाले जवानों को मात्र 15 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
जम्मू कश्मीर सरकार उत्कृष्ट युद्ध सेवा मेडल के लिए 10 हजार रुपये, युद्ध सेवा मेडल के लिए चार हजार रुपये, विशिष्ट सेवा मेडल के लिए तीन हजार और अतिविशिष्ट सेवा मेडल के लिए सात हजार रुपये देती है।
यह राशि एकमुश्त एक बार ही दी जाती है, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में परमवीर चक्र के लिए 30 लाख रुपये, उत्कृष्ट युद्ध सेेवा मेडल के लिए सवा लाख रुपये, युद्ध सेवा मेडल के लिए 60 हजार रुपये, अतिविशिष्ट सेवा मेडल के लिए 85 हजार, विशिष्ट सेवा मेडल के लिए 35 हजार रुपये दे रही है। दिल्ली सरकार भी परमवीर चक्र के लिए 25 लाख रुपये, उत्कृष्ट युद्ध सेवा मेडल के लिए 75 हजार, युद्ध सेवा मेडल के लिए 34 हजार, अतिविशिष्ट सेवा मेडल पर 57 हजार रुपये, विशिष्ट सेवा मेडल के लिए 23 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
परमवीर चक्र के लिए असम और मिजोरम जैसे राज्य भी 25 लाख और 15 लाख रुपये दे रहे हैं, जबकि जम्मू कश्मीर सरकार मात्र 22,500 रुपये ही दे रही है। यह राशि नकद दी जाती है। महावीर चक्र पाने वाले जवानों को मात्र 15 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
जम्मू कश्मीर सरकार उत्कृष्ट युद्ध सेवा मेडल के लिए 10 हजार रुपये, युद्ध सेवा मेडल के लिए चार हजार रुपये, विशिष्ट सेवा मेडल के लिए तीन हजार और अतिविशिष्ट सेवा मेडल के लिए सात हजार रुपये देती है।
यह राशि एकमुश्त एक बार ही दी जाती है, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब में परमवीर चक्र के लिए 30 लाख रुपये, उत्कृष्ट युद्ध सेेवा मेडल के लिए सवा लाख रुपये, युद्ध सेवा मेडल के लिए 60 हजार रुपये, अतिविशिष्ट सेवा मेडल के लिए 85 हजार, विशिष्ट सेवा मेडल के लिए 35 हजार रुपये दे रही है। दिल्ली सरकार भी परमवीर चक्र के लिए 25 लाख रुपये, उत्कृष्ट युद्ध सेवा मेडल के लिए 75 हजार, युद्ध सेवा मेडल के लिए 34 हजार, अतिविशिष्ट सेवा मेडल पर 57 हजार रुपये, विशिष्ट सेवा मेडल के लिए 23 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
संघर्ष कर रहा सैनिक बोर्ड
परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह
- फोटो : File Photo
जम्मू कश्मीर को छोड़कर अन्य राज्यों में भी यह राशि करीब एक समान है। सबसे अधिक हरियाणा में परमवीर चक्र के लिए दो करोड़ रुपये, महावीर चक्र के लिए एक करोड़ रुपये, उत्कृष्ट युद्ध सेवा मेडल के लिए 75 हजार रुपये, युद्ध सेवा मेडल के लिए 34 हजार रुपये, अतिविशिष्ट सेवा मेडल के लिए 3 लाख 25 हजार रुपये, विशिष्ट सेवा मेडल के लिए सवा लाख रुपये दे रही है।
परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह के अनुसार पहले भी महीने में मिलने वाली राशि 166 रुपये थी। वह राशि भी काफी संघर्ष के बाद पंजाब व हिमाचल में दी जा रही 11 हजार रुपये की राशि की गई। एक मुश्त दी जाने वाली राशि भी काफी कम है।
इस राशि को बढ़ाने के लिए भी सैनिक बोर्ड काफी समय से संघर्ष कर रहा है। मेजर जनरल गोवर्धन सिंह जंवाल के अनुसार कई जवानों को शहीद होने के बाद सम्मान पत्र दिया गया। जम्मू कश्मीर के भी कई जवान हैं। जो शहीद हुए हैं। उनकी एक मुश्त राशि बढ़ाने के लिए सरकार को कई ज्ञापन सौंपे हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर संघर्ष जारी है।
परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह के अनुसार पहले भी महीने में मिलने वाली राशि 166 रुपये थी। वह राशि भी काफी संघर्ष के बाद पंजाब व हिमाचल में दी जा रही 11 हजार रुपये की राशि की गई। एक मुश्त दी जाने वाली राशि भी काफी कम है।
इस राशि को बढ़ाने के लिए भी सैनिक बोर्ड काफी समय से संघर्ष कर रहा है। मेजर जनरल गोवर्धन सिंह जंवाल के अनुसार कई जवानों को शहीद होने के बाद सम्मान पत्र दिया गया। जम्मू कश्मीर के भी कई जवान हैं। जो शहीद हुए हैं। उनकी एक मुश्त राशि बढ़ाने के लिए सरकार को कई ज्ञापन सौंपे हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर संघर्ष जारी है।