J&K में कानून व्यवस्था संभालने को नहीं हैं पर्याप्त जवान
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दरबार जम्मू में खुलने के दौरान कानून व्यवस्था से निपटने के लिए जिला पुलिस लाइन में पर्याप्त जवान नहीं हैं। राजनीतिज्ञों के निजी सुरक्षा गार्ड और स्क्वायड में तैनाती के अलावा सौ जवानों को ट्रैफिक पुलिस में शिफ्ट कर दिया गया।
जिला पुलिस लाइन में करीब एक हजार जवानों में करीब आधी नफरी राजनेताओं के सुरक्षा गार्ड के लिए तैनात हैं। जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी की अक्सर सरकार रही है। भाजपा पहली बार सरकार में शामिल होने से निजी सुरक्षा गार्ड की तैनाती भी बढ़ गई है।
सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने के लिए पुलिस पर भी दबाव बना रहता है। नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेेस के पूर्व विधायकों और वरिष्ठ राजनेताओं से सुरक्षा हटाई नहीं गई है। भाजपा के अब नए चेहरे विधायक बने और उनके लिए भी सुरक्षा गार्ड दिए गए हैं।
पुलिस लाइन में जवान कम हुए
कई विधायकों के दो जगहों पर घर होने के कारण भी दो जगह पर सुरक्षा दी गई है। सिक्योरिटी पाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। मौजूदा समीकरण में नए राजनेता बढ़े है। सिक्योरिटी विंग से क्लीयरेंस लेने के बाद भी निजी सुरक्षा कर्मी जिला पुलिस लाइन से ही दिए गए हैं।
अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए सौ पुलिस जवानों को जिला पुलिस लाइन से ट्रैफिक पुलिस में शिफ्ट किया गया। एसएसपी जम्मू डा. सुनील गुप्ता के अनुसार पुलिस महानिदेशक के आदेशों पर जवानों को ट्रैफिक मेें भेजा गया है। नए जवान नहीं आए हैं और पुलिस लाइन में जवान कम हुए हैं।
आईजी ट्रैफिक शफकत वटाली के अनुसार जिला पुलिस से सौ जवान हासिल किए गए हैं। जैसे ही अगर कोई इमरजेंसी होगी तो ट्रैफिक पुलिस जवान भी जम्मू पुलिस का सहयोग करेंगे।