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जम्मू कश्मीर की बेटी जिसकी हिम्मत के आगे छोटे पड़ गए हजारों फीट ऊंचे पहाड़
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:06 PM IST
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पारूल जसरोटिया
- फोटो : file photo
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पारूल जसरोटिया भले ही जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय में पर्यटन से डाक्टरेट कर रही हों, लेकिन पर्यटन और रोमांच सिर्फ उनकी किताब ही नहीं, जिंदगी का भी हिस्सा है। ऊंचे पहाड़ों पर ट्रैकिंग की शौकीन पारूल ने अब तक बीस से अधिक पहाड़ों पर ट्रैकिंग पूरी की है और अब वह देश की कठिन से कठिन चोटियों पर बढ़ने की तैयारियों में जुटी हैं।
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पर ऐसा नहीं कि पारूल ने अपने शौक के लिए पढ़ाई की जरूरतों को नजरअंदाज किया हो। यह सुनकर खास ही लगता है कि ट्रैकिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौक और शादीशुदा जिंदगी की जिम्मेदारियों को एक साथ निभाने वाली पारूल ने टूरिज्म और मार्केटिंग में एमबीए किया और हाल में भी डाक्टरेट की उपाधि पाने की तैयारी कर रही हैं।
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पारूल ने जिस शिद्दत से अपने जुनून के लिए काम किया वह देश की हर उस महिला के लिए मिसाल हैं जो अपने शौक को पूरा करने की हिम्मत रखती है।